Earthquake: भूकंप से म्यांमार में भारी तबाही, मरने वालों की संख्या 1600 के पार, घायलों की संख्या 3000 पार

Earthquake: म्यांमार और थाइलैंड में शुक्रवार को आए भूकंप ने भारी तबाही मचा दी है. जिससे अबतक 1600 लोगों से अधिक की मौत हो गई है. जबकि 3000 से अधिक लोग घायल हो गए हैं. अब भी रह-रहकर भूकंप के झटके महसूस किए जा रहे हैं. मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका व्यक्त की जा रही है.

Earthquake: म्यांमार में आए 7.7 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप में मरने वालों की संख्या शनिवार को बढ़कर 1600 के पार पहुंच गई. भूकंप के कारण क्षतिग्रस्त हुईं कई इमारतों के मलबे से और शव निकाले जा रहे हैं, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है. भूकंप के कारण अब तक 3,408 अन्य लोग घायल हुए हैं. इसके अलावा 30 लोग लापता बताए जा रहे हैं.

भूकंप के कारण कई इमारतें ढह गईं

शुक्रवार को आए भूकंप का केंद्र म्यांमार के दूसरे सबसे बड़े शहर मांडले से ज्यादा दूर नहीं था. भूकंप के कारण कई इलाकों में इमारतें ढह गईं और भारी क्षति हुई है. सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं, पुल ढह गए और एक बांध टूट गया. शुक्रवार के बाद कई झटके महसूस किए गए, जिनमें से एक की तीव्रता 6.4 थी.

थाईलैंड में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए

म्यांमार के पड़ोसी देश थाईलैंड में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए और इसने राजधानी बैंकॉक समेत देश के अन्य क्षेत्रों को हिलाकर रख दिया. बैंकॉक में भूकंप के कारण अब तक 6 लोगों की मौत हो गई. 26 लोग घायल हैं और 47 अब भी लापता हैं. थाईलैंड में चीनी कंपनी द्वारा बनाई जा रही 33 मंजिला ऊंची इमारत हिलने लगी. इसके बाद इमारत धूल के विशाल गुबार के साथ जमीन पर धराशायी हो गयी, जिससे लोग चीखने लगे और घटनास्थल से भागने लगे.

अफगानिस्तान में भूकंप के दो झटके महसूस किए गए

अफगानिस्तान में शनिवार तड़के भूकंप के दो झटके महसूस किए गए. राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने यह जानकारी दी. पहला भूकंप तड़के चार बजकर 51 मिनट पर आया, जिसकी तीव्रता 4.3 आंकी गई, जबकि दूसरा झटका तड़के पांच बजकर 16 मिनट पर महसूस किया गया, जिसकी तीव्रता 4.7 थी. भूकंप का केंद्र काबुल से लगभग 280 किलोमीटर दूर स्थित था और इनकी गहराई 180 किलोमीटर से अधिक थी.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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