India Canada Trade Deal: भारत और कनाडा अगले एक साल के अंदर ट्रेड डील को अंतिम रूप दे सकते हैं. कनाडा में भारत के उच्चायुक्त दिनेश पटनायक ने कहा कि भले ही अतीत में इन वार्ताओं में देरी होती रही हो, लेकिन अब दोनों देश एक व्यापक व्यापार समझौते को अंतिम रूप दे सकते हैं. द कनाडियन प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, पटनायक ने यह टिप्पणी कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की संभावित भारत यात्रा से पहले की. भारत और कनाडा के बीच व्यापार वार्ताएं 2010 में शुरू हुई थीं, लेकिन कई बार अटक गईं. पटनायक ने कहा कि अब इस बातचीत में तेजी आ सकती है.
नवंबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मार्क कार्नी ने औपचारिक रूप से CEPA वार्ताओं को फिर से शुरू करने पर सहमति जताई थी. यह समझौता वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार, निवेश, कृषि और डिजिटल कॉमर्स जैसे क्षेत्रों को कवर करेगा. जोहान्सबर्ग में हुए जी20 समिट से अलग मुलाकात में दोनों नेताओं ने ‘उच्च महत्वाकांक्षा वाले CEPA’ पर बातचीत शुरू करने पर सहमति दी.
विदेश मंत्रालय के अनुसार, इसका लक्ष्य 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 50 अरब डॉलर तक दोगुना करना है. पिछले महीने विदेश मंत्रालय के सूत्रों ने बताया था कि प्रधानमंत्री मार्क कार्नी मार्च के पहले सप्ताह में भारत आ सकते हैं, जिसमें व्यापार प्रमुख एजेंडा रहेगा. इस यात्रा के दौरान यूरेनियम, ऊर्जा, खनिज और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े समझौतों पर हस्ताक्षर होने की संभावना है.
कार्नी किन-किन समझौतों को दे सकते हैं अंतिम रूप
पटनायक ने कहा कि कार्नी की यात्रा के दौरान नई दिल्ली और मुंबई में सरकारी प्रतिनिधियों और उद्योग जगत के नेताओं से मुलाकातें प्रस्तावित हैं. उन्होंने यह भी कहा कि पिछले एक साल में ऊर्जा, जलवायु परिवर्तन, हाई-टेक शोध और जलवायु-सहिष्णु कृषि जैसे क्षेत्रों में कई समझौते हुए हैं. उनके मुताबिक, दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाएं एक-दूसरे की पूरक हैं. कनाडा जहां प्रमुख कमोडिटी निर्यातक है, वहीं भारत एक बड़ा उपभोक्ता बाजार है. इससे आपसी प्रतिस्पर्धा की संभावना कम होती है और एक लाभकारी व्यापार समझौते का रास्ता खुलता है.
उन्होंने कहा कि बदलते भू-राजनीतिक हालात और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग की बढ़ती जरूरत को देखते हुए प्रस्तावित व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) को 12 महीनों में पूरा करना संभव है. पटनायक ने कहा, ‘हमें उम्मीद है कि यह प्रक्रिया और तेज होगी, क्योंकि पिछले एक-दो वर्षों में दोनों देशों को ऐसे मुक्त व्यापार समझौतों का अच्छा अनुभव मिला है.’
अमेरिका ने द्विपक्षीय संबंध बढ़ाने को किया मजबूर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा पूरी दुनिया पर एक तरह का टैरिफ वॉर छेड़ने के बाद सभी देश ट्रेड डील को तरजीह दे रहे हैं. भारत ने हाल के दिनों में ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और ईयू के साथ ‘मदर ऑफ ऑल डील’ की है. भारत ब्राजील के साथ भी अपने व्यापार को बढ़ाने में लगा है. ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डिसिल्वा की हालिया यात्रा में दोनों देशों ने 2030 तक साझा व्यापार को वार्षिक 30 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है. अब कनाडा के साथ अपने व्यापार को बढ़ावा देकर भारत वैश्विक व्यवस्था में आई डांवाडोल स्थिति को नियंत्रित करने का सफल प्रयास कर रहा है.
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