US Iran Tensions: ईरान पर अमेरिका की सैन्य कार्रवाई का दबाव अब साफ दिख रही है. यूएसए के जहाजी बेड़े ईरान से कुछ हजार किमी दूर हैं. घर में विरोध प्रदर्शन और बाहर से हमले का डर ईरान के ऊपर साफ दिख रहा है. ऐसे में ईरान के अधिकारियों ने अमेरिकी प्रशासन से बात कर रहा है. ईरानी सुप्रीम नेशनल काउंसिल के सचिव अली लारिजानी ने अपने एक्स पर इसकी जानकारी दी. इसी बीच डोनाल्ड ट्रंप ने एक वीडियो पोस्ट किया. उन्होंने कहा कि ईरान की IRGC पूरी तरह पैनिक मोड में है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शनिवार को एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें इस्लामी गणराज्य की राजधानी तेहरान में भारी पुलिस तैनाती दिखाई दे रही है. वीडियो के कैप्शन में लिखा था, ‘अभी हो रहा है- तेहरान. IRGC घबराहट की स्थिति में है. पूरी तरह से बुरी तरह डरे हुए हैं.’/ हालांकि, इस वीडियो की सच्चाई क्या है, इसकी पुष्टि नहीं की जा सकी है, क्योंकि ईरान में अब भी इंटरनेट प्रतिबंध जैसे ही हालात हैं. ऐसे में सूचनाओं का बाहरी दुनिया तक पहुंचना लगभग असंभव है.
आईआरजीसी है ईरानी सत्ता की असली ताकत
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड (आईआरजीसी) की स्थापना 1979 में हुई थी. यह ईरान की सेना नहीं है, बल्कि इसका इस्तेमाल ईरान की इस्लामिक सत्ता को बनाए रखना और उसकी रक्षा करना है. अमेरिका और यूरोप इसे ही सबसे ज्यादा खतरनाक मानते हैं. हाल ही में यूरोप और ब्रिटेन समेत 34 देशों ने इसे आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया है. इस संगठन में लगभग 2 करोड़ लोग वालंटियर के तौर पर काम कर रहे हैं. वहीं माना जाता है कि IRGC के पास लगभग 1.5 लाख जवान हैं. आईआरजीसी ने हिज्बुल्लाह, हमास और हूती जैसे संगठन खड़े किए हैं. ईरान ने अपने देश की सुरक्षा के लिए देश के बाहर इस तरह की घेराबंदी वाली व्यवस्था तैयार की है. इनकी वजह से यूरोप और अन्य देशों के हित भी काफी प्रभावित होते हैं.
ईरान में हुए विस्फोटों ने और बढ़ाई चिंता
ट्रंप के इस वीडियो को पोस्ट करने की टाइमिंग काफी अहम है. ईरान में शनिवार को कई ‘रहस्यमय’ धमाके सुनाई दिए. दक्षिणी ईरान के बंदर अब्बास बंदरगाह शहर में हुए एक विस्फोट में कम से कम एक व्यक्ति की मौत हो गई और 14 लोग घायल हो गए. धमाके के बाद सोशल मीडिया पर IRGC नौसेना के कमांडर एडमिरल अलीरेज़ा तंगसीरी की मौत होने की अफवाहें फैलने लगीं. हालांकि, ईरान की सेमी गवर्नमेंटल तस्नीम न्यूज एजेंसी ने इन दावों को ‘पूरी तरह झूठा’ बताया. ईरानी अधिकारियों ने विस्फोट के लिए गैस रिसाव को जिम्मेदार ठहराया.
बंदर अब्बास ईरान के सबसे महत्वपूर्ण कंटेनर बंदरगाह है. यह हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर स्थित है, जो ईरान और ओमान के बीच एक अहम समुद्री मार्ग है. यहां से दुनिया के समुद्री रास्ते से भेजे जाने वाले तेल का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता है.
अमेरिकी हमले का खतरा बढ़ा
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिकी नौसैनिक बेड़ा ईरान की ओर बढ़ रहा है. इसे इस्लामी गणराज्य पर संभावित सैन्य हमले की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है. रॉयटर्स से बातचीत में कई अमेरिकी सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि ट्रम्प ईरान के खिलाफ विभिन्न विकल्पों पर विचार कर रहे हैं, इनमें सुरक्षा बलों पर लक्षित हमले भी शामिल हैं. वहीं, शनिवार ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने अमेरिका, इजरायल और यूरोपीय नेताओं पर ईरान की आर्थिक समस्याओं का फायदा उठाने, अशांति भड़काने और लोगों को देश को तोड़ने के साधन उपलब्ध कराने का आरोप लगाया.
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