अमेरिकी इस्लामी उपदेशक की ब्रिटेन में एंट्री बैन, स्टार्मर सरकार ने नफरती मौलाना पर क्यों लगाया प्रतिबंध?

Britain bans entry of Islamic Preacher: ब्रिटेन की कीर स्टार्मर सरकार ने अमेरिका के इस्लामी विद्वान डॉ. शदी एलमासरी की अपने देश में यात्रा पर रोक लगाने का फैसला किया है. इस फैसले को ब्रिटेन की सख्त आव्रजन और सुरक्षा नीति के तहत एक अहम कदम माना जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब पश्चिम एशिया संघर्ष को लेकर यूरोप में तनाव और ध्रुवीकरण बढ़ा है.

Britain bans entry of Islamic Preacher: ब्रिटेन ने सात अक्टूबर 2023 को इजरायल में हुए हमले के बाद चरमपंथी संगठन हमास का कथित रूप से बचाव करने वाले एक इस्लामी उपदेशक के देश में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है. इस फैसले को ब्रिटेन की सख्त आव्रजन और सुरक्षा नीति के तहत एक अहम कदम माना जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब पश्चिम एशिया संघर्ष को लेकर यूरोप में तनाव और ध्रुवीकरण बढ़ा है. स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, ब्रिटिश सरकार का मानना है कि नफरत फैलाने या चरमपंथी विचारधाराओं को बढ़ावा देने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए देश में कोई जगह नहीं होनी चाहिए.

ब्रिटिश अखबार द डेली टेलीग्राफ की रिपोर्ट के अनुसार, गृह मंत्री शबाना महमूद ने अमेरिका के विद्वान डॉ. शदी एलमासरी की ब्रिटेन यात्रा पर रोक लगाने का फैसला किया. एलमासरी विभिन्न धार्मिक और सामुदायिक कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए ब्रिटेन आने वाले थे. इस सप्ताह उन्हें बर्मिंघम, बोल्टन और लंदन में मुस्लिम चैरिटी संगठन ग्लोबल रिलीफ ट्रस्ट (जीआरटी) द्वारा आयोजित कई वार्ताओं और कार्यक्रमों में शामिल होना था.

ब्रिटेन के गृह मंत्रालय ने इस विशेष मामले पर सीधे तौर पर टिप्पणी करने से इनकार किया है. हालांकि, मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ब्रिटेन उन विदेशी नागरिकों का स्वागत नहीं करेगा जो नफरत फैलाते हैं या चरमपंथी विचारों को बढ़ावा देते हैं. प्रवक्ता के अनुसार, “जो कोई भी नफरत भड़काने या हमारे समुदायों को विभाजित करने का इरादा रखता है, उसे ब्रिटेन में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी.” इस बयान से सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति साफ झलकती है.

डॉ. शदी एलमासरी का नाम इससे पहले भी विवादों में रहा है. इजरायल-हमास संघर्ष को लेकर सोशल मीडिया पर की गई उनकी कई पोस्ट्स को लेकर आलोचना हुई है, जिनमें वह कथित तौर पर हमास की कार्रवाइयों को सही ठहराते नजर आए. एलमासरी अमेरिका के न्यू जर्सी स्थित एक इस्लामिक सेंटर में शिक्षा और सामुदायिक मामलों के निदेशक के रूप में कार्यरत हैं.

इस मुद्दे पर ब्रिटेन की विपक्षी कंजर्वेटिव पार्टी के सांसद निक टिमोथी ने भी कड़ा रुख अपनाया था. उन्होंने लेबर पार्टी की सरकार से आग्रह किया था कि वह एलमासरी को देश में प्रवेश की अनुमति न दे. टिमोथी ने कहा कि गृह मंत्री के पास ऐसे विदेशी नागरिकों को बाहर रखने की व्यापक शक्तियां हैं, जिनकी मौजूदगी जनहित के खिलाफ हो सकती है. उनके अनुसार, एलमासरी के मामले में इन शक्तियों का बिना किसी हिचक के इस्तेमाल किया जाना चाहिए.

ये भी पढ़ें:-

US में मादुरो का केस सुनने वाले 92 वर्षीय जज की उम्र कम, कुछ तो हैं और भी बूढ़े, लेकिन ऐसा क्यों?

ऐनी फ्रैंक की सौतेली बहन ईवा श्लॉस का निधन, यातना शिविर में बंद हुआ था पूरा परिवार, अंत में केवल मां-बेटी बचीं

विरोध प्रदर्शनों के बीच ईरान में भीषण विस्फोट, डेयरी फैक्ट्री में मची तबाही, जानें कैसे हुई यह घटना

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Anant narayan shukla

अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. अनन्त राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर खबरें करते हैं. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यमात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं.

अनन्त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों, विदेश नीति, भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका जैसे विषयों को कवर करते हैं. इजरायल-ईरान संघर्ष, अमेरिका की विदेश नीति, परमाणु सुरक्षा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात, नेपाल-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय आपदाओं, विदेशों में बसे भारतीयों और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी खबरों पर भी नियमित रूप से लिखते हैं.

इतिहास, राजनीति और विज्ञान में उनकी गहरी रुचि रही है, जिसने उन्हें वैश्विक मामलों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. यही वजह है कि उनके लेखों में विषय की गहराई, एक्सपर्ट्स की राय के साथ उनके कमेंट्स, तथ्यों की सटीकता और व्यापक संदर्भ देखने को मिलता है. बदलते वैश्विक परिदृश्य पर उनकी पैनी नजर रहती है, जिससे वे पाठकों तक समय पर विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक जानकारी पहुंचाते हैं.

अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने झारखंड विधान सभा 2024, दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 चुनाव और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है.

अनन्त कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं.

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >