अमेरिकी इस्लामी उपदेशक की ब्रिटेन में एंट्री बैन, स्टार्मर सरकार ने नफरती मौलाना पर क्यों लगाया प्रतिबंध? 

Britain bans entry of Islamic Preacher: ब्रिटेन की कीर स्टार्मर सरकार ने अमेरिका के इस्लामी विद्वान डॉ. शदी एलमासरी की अपने देश में यात्रा पर रोक लगाने का फैसला किया है. इस फैसले को ब्रिटेन की सख्त आव्रजन और सुरक्षा नीति के तहत एक अहम कदम माना जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब पश्चिम एशिया संघर्ष को लेकर यूरोप में तनाव और ध्रुवीकरण बढ़ा है.

By Anant Narayan Shukla | January 7, 2026 6:54 AM

Britain bans entry of Islamic Preacher: ब्रिटेन ने सात अक्टूबर 2023 को इजरायल में हुए हमले के बाद चरमपंथी संगठन हमास का कथित रूप से बचाव करने वाले एक इस्लामी उपदेशक के देश में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है. इस फैसले को ब्रिटेन की सख्त आव्रजन और सुरक्षा नीति के तहत एक अहम कदम माना जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब पश्चिम एशिया संघर्ष को लेकर यूरोप में तनाव और ध्रुवीकरण बढ़ा है. स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, ब्रिटिश सरकार का मानना है कि नफरत फैलाने या चरमपंथी विचारधाराओं को बढ़ावा देने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए देश में कोई जगह नहीं होनी चाहिए.

ब्रिटिश अखबार द डेली टेलीग्राफ की रिपोर्ट के अनुसार, गृह मंत्री शबाना महमूद ने अमेरिका के विद्वान डॉ. शदी एलमासरी की ब्रिटेन यात्रा पर रोक लगाने का फैसला किया. एलमासरी विभिन्न धार्मिक और सामुदायिक कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए ब्रिटेन आने वाले थे. इस सप्ताह उन्हें बर्मिंघम, बोल्टन और लंदन में मुस्लिम चैरिटी संगठन ग्लोबल रिलीफ ट्रस्ट (जीआरटी) द्वारा आयोजित कई वार्ताओं और कार्यक्रमों में शामिल होना था.

ब्रिटेन के गृह मंत्रालय ने इस विशेष मामले पर सीधे तौर पर टिप्पणी करने से इनकार किया है. हालांकि, मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ब्रिटेन उन विदेशी नागरिकों का स्वागत नहीं करेगा जो नफरत फैलाते हैं या चरमपंथी विचारों को बढ़ावा देते हैं. प्रवक्ता के अनुसार, “जो कोई भी नफरत भड़काने या हमारे समुदायों को विभाजित करने का इरादा रखता है, उसे ब्रिटेन में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी.” इस बयान से सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति साफ झलकती है.

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डॉ. शदी एलमासरी का नाम इससे पहले भी विवादों में रहा है. इजरायल-हमास संघर्ष को लेकर सोशल मीडिया पर की गई उनकी कई पोस्ट्स को लेकर आलोचना हुई है, जिनमें वह कथित तौर पर हमास की कार्रवाइयों को सही ठहराते नजर आए. एलमासरी अमेरिका के न्यू जर्सी स्थित एक इस्लामिक सेंटर में शिक्षा और सामुदायिक मामलों के निदेशक के रूप में कार्यरत हैं.

इस मुद्दे पर ब्रिटेन की विपक्षी कंजर्वेटिव पार्टी के सांसद निक टिमोथी ने भी कड़ा रुख अपनाया था. उन्होंने लेबर पार्टी की सरकार से आग्रह किया था कि वह एलमासरी को देश में प्रवेश की अनुमति न दे. टिमोथी ने कहा कि गृह मंत्री के पास ऐसे विदेशी नागरिकों को बाहर रखने की व्यापक शक्तियां हैं, जिनकी मौजूदगी जनहित के खिलाफ हो सकती है. उनके अनुसार, एलमासरी के मामले में इन शक्तियों का बिना किसी हिचक के इस्तेमाल किया जाना चाहिए.

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