Bangladesh Hindus home burnt in Chattogram: बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं. हाल ही में मैमनसिंह जिले में कथित ईशनिंदा के आरोप में हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की भीड़ द्वारा नृशंस हत्या के बाद अब चट्टोग्राम से एक और भयावह मामला सामने आया है. गंभीर मामले में शरारती तत्वों ने एक हिंदू परिवार के घर को आग के हवाले कर दिया. हालांकि परिवार के सदस्य किसी तरह समय रहते वहां से निकलने में सफल रहे, लेकिन उनके पालतू जानवर आग की चपेट में आकर मारे गए. हमलावरों ने वारदात के बाद मौके के पास एक धमकी भरा पोस्टर भी लगाया, जिसे हिंदुओं के लिए अंतिम चेतावनी बताया जा रहा है.
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, चट्टोग्राम में असामाजिक तत्वों ने एक हिंदू परिवार के घर को आग के हवाले कर दिया. यह घटना प्रवासी जयन्ती संघा और बाबू शुकुशील के घर में हुई, जहां आगजनी में पूरा घर जलकर खाक हो गया और परिवार के पालतू जानवरों की भी मौत हो गई. स्थानीय लोगों के अनुसार, परिवार के सभी सदस्य किसी तरह समय रहते बाड़ काटकर जान बचाने में सफल रहे, लेकिन उनका सारा घरेलू सामान नष्ट हो गया. इससे परिवार को भारी नुकसान झेलना पड़ा.
धमकी भरे बैनर में क्या कहा गया
घटना स्थल के पास एक धमकी भरा बैनर भी मिला, जिसमें हिंदू समुदाय को निशाना बनाते हुए गंभीर चेतावनी दी गई थी. हाथ से लिखे बैनर में हिंदू समुदाय पर इस्लाम और मुस्लिम समाज के खिलाफ गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया गया है. बांग्ला भाषा में लिखे गए इस पोस्टर में हिंदुओं पर ‘इस्लाम विरोधी गतिविधियों’ में शामिल होने का आरोप लगाया गया और तुरंत अपनी सभी गतिविधियां बंद करने की धमकी दी गई. बैनर में लिखा था कि यदि निर्देशों का पालन नहीं किया गया तो गंभीर अंजाम भुगतने पड़ेंगे. बैनर में कहा गया कि नियमों न मानने की स्थिति में उनके घर, संपत्ति और व्यवसाय को नहीं बख्शा जाएगा और कोई भी उनकी रक्षा नहीं कर पाएगा. अंत में इसे आखिरी चेतावनी करार दिया गया.
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया गया है. इसमें एक महिला रोते हुए अपने बिखरे हुए घर को देख रही है. इसमें सभी घटना के बारे में बताया गया है.
दीपू चंद्र दास की हत्या के बाद बढ़ा तनाव
बांग्लादेश में जारी अस्थिर हालात के बीच अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय को लगातार निशाना बनाए जाने की घटनाओं ने चिंता और गहरी कर दी है. इस घटना से कुछ दिन पहले दीपू चंद्र दास को कथित तौर पर पैगंबर मुहम्मद पर आपत्तिजनक टिप्पणी के आरोप में भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला था. बाद में उसका शव लटकाकर जला दिया गया. इस घटना ने न केवल बांग्लादेश बल्कि भारत में भी आक्रोश पैदा किया, जहां दिल्ली स्थित बांग्लादेश उच्चायोग के बाहर विरोध प्रदर्शन हुए. बांग्लादेश ने इस प्रदर्शन के बाद त्रिपुरा और दिल्ली में वीजा व्यवस्था सस्पेंड कर दिया है. वहीं भारत पहले ही वीजा प्रक्रिया पर रोक लगा चुका है.
डर के साए में हिंदू समुदाय
लगातार हो रही इन घटनाओं ने बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के बीच डर और असुरक्षा का माहौल और गहरा कर दिया है. मानवाधिकार संगठनों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर अब ढाका सरकार की कार्रवाई पर टिकी है कि वह अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए क्या ठोस कदम उठाती है.
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