इबोला से मिलकर लड़ेंगे अमेरिका और चीन

वाशिंगटन : चीन और अमेरिका मिलकर इबोला वायरस से लडेंगे. इस बात की जानकारी चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता छिन गांग ने दी है. उन्होंने कहा कि बोस्टन में चीन के स्टेट काउंसलर यांग चिएची और अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन कैरी के बीच हुई मुलाकात में दोनों देश इबोला से लड़ने के लिए आपस […]

वाशिंगटन : चीन और अमेरिका मिलकर इबोला वायरस से लडेंगे. इस बात की जानकारी चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता छिन गांग ने दी है. उन्होंने कहा कि बोस्टन में चीन के स्टेट काउंसलर यांग चिएची और अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन कैरी के बीच हुई मुलाकात में दोनों देश इबोला से लड़ने के लिए आपस में सहयोग बढ़ाने पर सहमत हो गए हैं.

वहीं अमेरिका के एक शीर्ष स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा है कि इबोला के मरीजों का इलाज कर रहे स्वास्थ्य सेवा कर्मियों के लिए नए दिशानिर्देशों में पूरे शरीर को ढक कर रखना एक उपाय होगा ताकि उन्हें संक्रमण का कोई खतरा ना हो. साथ ही पेंटागन ने एक टीम के गठन की घोषणा की जो जरुरत पडने पर चिकित्सा कर्मियों की मदद करेगी.

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एलर्जी एंड इन्फैक्शियस डिजीजेज के प्रमुख डॉ एंथनी फाउसी ने कहा कि डलास के टेक्सास हेल्थ प्रेसबाइटेरियन हॉस्पिटल में इबोला मरीजों की देखभाल में लगे चिकित्सा कर्मी इसलिए खतरे की गिरफ्त में आए क्योंकि उनका शरीर पूरी तरह ढका नहीं था.

फाउसी ने कहा कि रोग नियंत्रण एवं रोकथाम संघीय केंद्र सुरक्षा प्रोटोकॉल में संशोधन पर काम कर रहे हैं. इससे पहले के प्रोटोकॉल विश्व स्वास्थ्य संगठन के मॉडल पर आधारित थे. रविवार को पेंटागन ने घोषणा की थी कि रक्षा मंत्री चक हेगल ने 30 लोगों का एक सहायता दल गठित करने का आदेश दिया है जो जरुरत पडने पर इबोला के इलाज में लगे नागरिक चिकित्सा पेशेवरों की मदद करेगा। अब तक अमेरिका में इबोला के तीन मामलों की पुष्टि हुई है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >