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Tuesday, February 27, 2024

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कलाकारों-साहित्यकारों के लिए पेंशन अनुदान योजना

यह योजना देश के वैसे साहित्यकारों, रंगकर्मियों और हस्तशिल्पियों के लिए चलायी जा रही है, जिन्होंने अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवा की हो और वर्तमान में अभावग्रस्त हों. इस योजना का लाभ ऐसे लोगों के अलावा उनके आश्रितों को भी दिया जाता है. इसके तहत सीधी वित्तीय सहायता दी जाती है. यह योजना साहित्य, कला […]

यह योजना देश के वैसे साहित्यकारों, रंगकर्मियों और हस्तशिल्पियों के लिए चलायी जा रही है, जिन्होंने अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवा की हो और वर्तमान में अभावग्रस्त हों. इस योजना का लाभ ऐसे लोगों के अलावा उनके आश्रितों को भी दिया जाता है. इसके तहत सीधी वित्तीय सहायता दी जाती है. यह योजना साहित्य, कला और जीवन के ऐसे ही क्षेत्रों में अभावग्रस्त परिस्थितियों में रह रहे उत्कृष्ट व्यक्तियों और उनके आश्रितों को वित्तीय सहायता के लिए है. इसमें वैसे साहित्यकार या लेखक भी लाभ पा सकते हैं, जिनका योगदान तो उत्कृष्ट हो ही, लेकिन उसकी कृति प्रकाशित नहीं हुई हो.

आर्थिक आधार

योजना का लाभ पाने के लिए ऐसे साहित्यकारों और कलाकारों की आर्थिक हालत को भी आधार बनाया गया है. आवेदक की अपनी और पति या पत्नी की कुल आय चार हजार रुपया प्रतिमाह से अधिक नहीं होना चाहिए. साथ ही उसकी उम्र कम-से-कम 58 वर्ष हो, लेकिन यह उन आवेदकों के मामले में है, जो खुद कलाकार या साहित्यकार है. अगर उसका आश्रित आर्थिक सहायता के लिए आवेदन करता है, तो उसके लिए आयु सीमा तय नहीं है.

इस तरह प्राप्त किये जाते हैं आवेदन

आवेदन के लिए फॉर्म निर्धारित है. फार्म को दो तरह से भेजा जा सकता है. पहला कि फॉर्म को भर कर राज्य सरकार के संस्कृति विभाग को आप भेजें. वहां से अनुशंसा कर उसे केंद्र सरकार के संस्कृति मंत्रलय को भेज दिया जाता है. दूसरा कि इस योजना के तहत केंद्र सरकार का अपना भी कोटा है. उस कोटे के तहत भी लाभ प्राप्त किया जा सकता है. इसके लिए आवेदन-पत्र को सीधा केंद्रीय संस्कृति मंत्रलय को भेजना होता है.

सहायता का स्वरूप

इस योजना के तहत आर्थिक सहायता की सीमा चार हजार रुपया मासिक तय है. यह राशि दो प्रकार से मिलती है. अगर आपका आवेदन केंद्रीय कोटे के तहत स्वीकृत है, तो केंद्रीय संस्कृति मंत्रलय पूरी राशि आपको देगी और अगर आवेदन राज्य कोटे के तहत स्वीकृत है, तो आपको राज्य सरकार से पांच सौ और केंद्र से 35 सौ रुपये हर माह मिलेंगे.

इस तरह के कलाकारों-साहित्यकारों को सहायता

ऐसी ही कलाकारों और साहित्यकारों को इस योजना के तहत चुना जाता है, तो अपने क्षेत्र में ख्याति प्राप्त हों और जिन्हें केंद्र या राज्य सरकार ने पुरस्कृत किया हो. सहायता इसकी प्रसिद्धि पर निर्भर करती है. इसके लिए चयन समिति बनती है. अगर राज्य सरकार से किसी कलाकार या साहित्यकार का आवेदन अनुशंसित होकर केंद्र के पास पहुंचा, तो उस पर समिति सीधा विचार करती है और अगर आवेदन सीधा केंद्र को मिला हो, तो आवेदक की आर्थिक स्थिति का पहले पता लगाया जाता है. यह केंद्रीय संस्कृति मंत्रलय के विवेक पर निर्भर करता है कि वह किस कलाकार को कितने समय के लिए आर्थिक सहायता मिलेगी. समय सीमा खत्म होने पर उसका सहायता का नवीकरण भी होता है.

सहायता पाने वाले की मृत्यु हो जाने पर

इस योजना के तहत सहायता प्राप्त करने वाले की मृत्यु हो जाने पर उसकी पत्नी या पति को जीवन भर इसका लाभ मिलता रहेगा. आश्रितों के मामले में यह सहायता उसे तक तब तक मिलती रहेगी, जब तक कि वह इसे लेने से इनकार नहीं करता या उसे रोजगार नहीं मिलता है, लेकिन उसके 21 साल का होने और अगर बेटी है, तो उसकी शादी होने के बाद यह लाभ बंद कर दिया जाता है.

चिकित्सा सहायता भी

इस योजना के तहत मंत्रलय अभावग्रस्त प्रसिद्ध कलाकारों को चिकित्सा के लिए भी आर्थिक मदद देती है.

सीधा आवेदन यहां भेजें

आप आप अपना आवेदन सीधा केंद्रीय संस्कृति विभाग को भेजना चाहते हैं, तो इस पते का इस्तेमाल करें :

संस्कृति मंत्रलय, शास्त्री भवन, नयी दिल्ली.

यहां करें संपर्क

इस योजना का लाभ लेने के लिए आप इनसे संपर्क कर सकते हैं : वीना कालरा (एसओ), 333 सी, शास्त्री भवन, नसी दिल्ली. फोन नंबर : 011- 23070767.

वेतन एवं निर्माण अनुदान

यह योजना विशिष्ट मंचीय कला परियोजनाओं के लिए है. यह अनुदान सक्रिय कलाकारों और उसके व्यावसायिक समूहों को मिलता है. इस स्कीम के तहत नाट्य समूहों, रंगमंच समूहों, संगीत मंडलियों, बाल थियेटर, एकल कलाकारों तथा मंचीय कला के सभी तरह के कार्यकलापों के सभी स्वरूपों के लिए वित्तीय सहायता दी जाती है. यह सहायता दो तरह की होती है :

पहला : वेतन अनुदान.

दूसरा : निर्माण अनुदान.

अनुदान के लिए पात्रता

इस स्कीम के तहत निर्माण के लिए मिलने वाला अनुदान या सहायता स्वीकृत परियोजना (प्रोजेक्ट) या कार्यक्रम के आधार पर तय होता है. परियोजना और कार्यक्रम किस प्रकार का है, अनुदान और सहायता की राशि इस बात निर्भर करती है. यह सहायता अधिकतम एक साल के लिए होती है. इसमें कलाकारों का वेतन या पारिश्रमिक, निर्माण या प्रदर्शन की लागत, पूर्वाभ्यास के लिए कमरों का किराया, वेशभूषा की लागत, परिवहन, आकस्मिक व्यय तथा अनुसंधान व्यय आदि शामिल होते हैं.

योजना का फोकस प्वाइंट

योजना के तहत ऐसी परियोजनाओं पर विशेष बल दिया जाता है, जिनका उद्देश्य मूल लेखन, मूल निर्देशन, रंगमंच-शोध, रंगमंच प्रशिक्षण या श्रोतागणों के प्रशिक्षण से जुड़ी हो और उसमें नयी सोच को शामिल किया गया हो. इसमें ग्रामीण स्तर पर सांस्कृतिक कार्यकलापों को बढ़ावा देने वाली परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जाती है.

वेतन अनुदान

वेतन अनुदान के लिए ऐसे प्रस्तावों को स्वीकृति मिलती है, जो रंगमंच से जुड़े कलाकारों की मंडली या समूह द्वारा प्रस्तुत किया गया हो. ऐसे समूह और मंडली के पास पर्याप्त संख्या में और गुणवत्तापूर्ण वाला रंगपटल, पेशेवर कलाकार तथा अखिल भारतीय आधार पर प्रदर्शन का अनुभव होना जरूरी है. सामान्य तौर पर एक मंडली को एक साल के लिए इस योजना के तहत सहायता दी जाती है. सहायता के नवीकरण के लिए उसे एक साल में कम-से-कम दो कार्यक्रमों का मंचन किया हो.

कैसे करें आवेदन

इस योजना के तहत मंत्रलय हर साल विज्ञापन निकाल कर आवेदन आमंत्रित करती है. संस्कृति विभाग के वेबसाइट पर भी यह विज्ञापन दिया जाता है. आवेदन को राज्य सरकार या किसी राज्य अकादमी या राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय, क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र जैसे किसी एक संस्थान से अनुशंसित होना जरूरी है. मंत्रलय सीधे भेजे गये आवेदन को स्वीकार नहीं करता है.

अनुदान राशि का भुगतान

अनुदान राशि का भुगतान दो किस्तों में किया जाता है. पहले किस्त में 75 प्रतिशत राशि परियोजना पर काम शुरू करने के पहले दी जाती है. दूसरे किस्त में 25 प्रतिशत राशि उपयोगिता प्रमाण-पत्र जमा करने पर मिलती है.

वेतन की दर निर्धारित है

योजना के तहत कलाकारों को मिलने वाले वेतन की दर तय है. कलाकारों को छह हजार और गुरु या प्रशिक्षक को दस हजार रुपये हर माह मिलते हैं. निर्माण अनुदान के लिए अधिकतम पांच लाख रुपये दिये जाते हैं.

यहां करें संपर्क

इस योजना के संबंध में किसी भी तरह जा जानकारी के लिए आप इनसे संपर्क कर सकते हैं :

आरपी बहुगुणा, अनुभाग अधिकरी (पी आर्टस), संस्कृति विभाग, शास्त्री भवन, नयी दिल्ली. फोन नंबर : 011-23389480.

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