पश्चिम बंगाल: बीरभूम में दुर्गा पूजा समिति ने ममता सरकार की योजना 'Lokkhi Bhandar' पर बनाया पंडाल

West Bengal News पश्चिम बंगाल के बीरभूम में एक पूजा समिति ने ममता बनर्जी सरकार की योजना 'लोक्खी भंडार' (Lokkhi Bhandar) के आधार पर दुर्गा पूजा पंडाल तैयार किया है. न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, पूजा समिति के आयोजक देवासी शाह ने कहा कि इस वर्ष की थीम 'लोक्खी भंडार' है.

West Bengal News पश्चिम बंगाल के बीरभूम में एक पूजा समिति ने ममता बनर्जी सरकार की योजना ‘लोक्खी भंडार’ (Lokkhi Bhandar) के आधार पर दुर्गा पूजा पंडाल तैयार किया है. न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, पूजा समिति के आयोजक देवासी शाह ने कहा कि इस वर्ष की थीम ‘लोक्खी भंडार’ है, जो तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की गरीब और पिछड़ी महिलाओं को समर्थन देने की योजना से प्रेरित है. हम सीएम की मूर्ति भी लगाएंगे.

बता दें कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में किये गये वादे को पूरा करते हुए लक्ष्मी भंडार योजना को लागू करने का फैसला किया है. पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से राज्य के हर परिवार की महिला मुखिया को वित्तीय सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से चलायी जाने वाली ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना 1 सितंबर से शुरू हो जायेगी. यानी घर की महिला प्रमुख के खाते में 500 या 1000 रुपये आने लगेंगे. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने खुद यह घोषणा की है.

इस योजना से राज्य की लगभग 1.6 करोड़ महिलाएं लाभान्वित होंगी. इस योजना के तहत राज्य सरकार ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति परिवारों की महिला मुखिया को 1000 रुपये प्रति माह देने का वादा किया है. सामान्य वर्ग के परिवारों की महिला मुखिया को 500 रुपये प्रति माह मिलेंगे. वहीं, सरकारी व स्थायी नौकरी करने वाली महिलाओं को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा. अस्थायी नौकरी करने वाली महिलाएं इस योजना का लाभ ले सकेंगी. पश्चिम बंगाल सरकार पर इससे 11 हजार करोड़ रुपये का वार्षिक बोझ आयेगा.

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