रायबरेली एम्स के डॉक्टर ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, प्रेमिका और उसके भाई को ठहराया मौत का जिम्मेदार

रायबरेली एम्स के डॉक्टर ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है. पुलिस को मिले सुसाइड नोट में मृतक डॉक्टर ने प्रेमिका और उसके भाई को जिम्मेदार ठहराया है. मृतक डॉ. सुभाष चन्द्र यादव रायबरेली एम्स में तैनात थे.

लखनऊ. यूपी के प्रयागराज के अल्लापुर इलाके में रहने वाले रायबरेली एम्स के डॉक्टर सुभाष यादव ने फांसी लगाकर जान दे दी. यह घटना गुरुवार की है. देर तक कमरा अंदर से बंद रहने के कारण पड़ोस को शक हुआ तो पुलिस को फोन कर जानकारी दी. सूचना पर पहुंची पुलिस ने कमरा खोला तो डॉक्टर सुभाष फंदे से लटकते मिले. वहीं पुलिस को जांच के दौरान कमरे में दो पेज का सुसाइड नोट मिला है. पुलिस को मिले सुसाइड नोट में मृतक डॉक्टर ने प्रेमिका और उसके भाई को जिम्मेदार ठहराया है. मृतक डॉ. सुभाष चन्द्र यादव रायबरेली एम्स में तैनात थे. पुलिस ने प्रेमिका और उसके भाई के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है.

एम्स के डॉक्टर ने सुसाइड नोट में बयां की अपना दर्द

एम्स के डॉक्टर ने सुसाइड नोट में अपना दर्द और जान देने की वजह बयां की है. डॉक्टर ने अपनी प्रेमिका पर गंभीर आरोप लगाए हैं. मृतक डॉक्टर ने सुसाइड नोट में लिखा है कि नौ लाख रुपये देकर स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल में नर्सिंग अफसर बनवाया. अब वह ब्लैकमेल कर रही है. मृतक डॉक्टर ने कन्नौज मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस किया था. इन दिनों वह रायबरेली एम्स में प्रैक्टिस कर रहे थे. डॉक्टर के पिता ने बेटे के प्रेमिका और उसके भाई के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है.

Also Read: गोरखपुर से दो वंदे भारत एक्सप्रेस को पीएम मोदी दिखाएंगे हरी झंडी, पूर्वांचल को आज देंगे करोड़ों की सौगात
प्रेमिका और उसके भाई को ठहराया है मौत का जिम्मेदार

खुदकुशी से पहले डॉक्टर सुभाष ने दो पेज के सुसाइड नोट में अपनी जिंदगी के पूरे दर्ज को उकेरा है. डॉक्टर ने लिखा है कि प्रेमिका और उसके भाई मुझे महीनों से परेशान कर रहे और मारना चाहते हैं. हम समझ नहीं पाए, वह लड़की ने हमें प्यार के जाल में फंसाया और पूरा घर मिलकर लूटने लगा. मेरे ऊपर कोर्ट मैरिज का दबाव बना रहे थे.हमने चंद्रप्रभा की नौ लाख रुपये देकर नौकरी लगवाई. इसके बाद धीरे-धीरे सब बदल गया. ये लड़की न तो खुद शादी कर रही है और न ही मुझे करने दे रही. कहती है कि न जीने दूंगी न मरने दूंगी. ऐसे ही तड़पाती रहूंगी. मैं प्यार के चक्कर में बर्बाद हो गया. मेरी मौत और परिवार की बर्बादी की जिम्मेदार यही दोनों हैं.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

राधेश्याम कुशवाहा ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से MJ (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म) की शिक्षा प्राप्त करने के बाद अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत भोपाल से प्रकाशित राज एक्सप्रेस समाचार पत्र से की. इसके बाद उन्होंने समय जगत, राजस्थान पत्रिका और हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं. वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म, अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 13 वर्षों का अनुभव रखने वाले राधेश्याम कुशवाहा को ज्योतिष शास्त्र, पंचांग गणना, ग्रह गोचर, नक्षत्र परिवर्तन, व्रत-त्योहारों की तिथियों तथा शुभ मुहूर्तों का गहन ज्ञान है. अपनी विशेषज्ञता के आधार पर वे धर्म-अध्यात्म और राशिफल से जुड़ी सटीक, तथ्यपरक एवं विश्वसनीय खबरें लिखते हैं. धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन में उनकी विशेष रुचि है. इसके अलावा राजनीति, अपराध और प्रेरणादायक (पॉजिटिव) विषयों पर लेखन में भी उनकी गहरी रुचि है.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >