Milkha Singh News: पांच बार के एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता फर्राटा धावक मिल्खा सिंह का निधन हो गया. मिल्खा सिंह का एक महीने तक कोरोना संक्रमण से जूझने के बाद शुक्रवार देर रात 11:30 बजे चंडीगढ़ में निधन हो गया. बता दें कि शुक्रवार शाम को वह एक बार फिर तबियत बिगड़ने के बाद उन्हें पीजीआईएमईआर अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उन्होंने अंतिम सांस ली. इससे पहले रविवार को उनकी 85 वर्षीया पत्नी निर्मल कौर का भी कोरोना संक्रमण के कारण निधन हो गया था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है.
बता दें कि मिल्खा सिंह ने पहली बार विश्व स्तर पर अपनी पहचान तब बनाई, जब कार्डिफ़ राष्ट्रमंडल खेलों में उन्होंने तत्कालीन विश्व रिकॉर्ड होल्डर मैल्कम स्पेंस को 440 गज की दौड़ में हराकर स्वर्ण पदक जीता. मिल्खा ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया था कि उस रेस से पहले उन्हें नर्वस देखकर उनके कोच डॉक्टर हावर्ड उनकी बग़ल में आकर बैठ गए और बोले, ‘आज की दौड़ या तो तुम्हें कुछ बना देगी या फिर बर्बाद कर देगी. अगर तुम मेरी टिप्स का पालन करोगे, तो तुम माल्कम स्पेंस को हरा दोगे. तुममें ऐसा कर पाने की क्षमता है.’
भारत-पाकिस्तान के विभाजन के दौरान उनके माता-पिता, भाई और दो बहनों की मौत हो गई थी. आजादी के भारत आने के बाद वो अपनी बहन के साथ रहते थे. मिल्खा सिंह ने भारत के लिए कई रेस में भाग लिया और अधिकतर रेस में जीत दर्ज की. उन्होंने करीब 75 रेस जीती थीं. आपको यह जान कर हैरानी होगी कि मिल्खा सिंह को फ्लाइंग सिख की उपाधि पाकिस्तानी जनरल अयूब खान ने दी थी. स्पोट्र्स मीट में हिस्सा लेने, पाकिस्तान जाने के लिए मिल्खा को तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरु ने खुद मनाया था.
1960 में मिल्खा सिंह के पास पाकिस्तान से न्योता आया कि वह भारत-पाकिस्तान एथलेटिक्स प्रतियोगिता में भाग लें. नेहरू के कहने पर मिल्खा पाकिस्तान गए. लाहौर के स्टेडियम में रेस हुआ पऔर उन्होंने पाकिस्तान के सर्वश्रेष्ठ धावक अब्दुल ख़ालिक को हरा दिया. रेस के बाद मिल्खा को पदक देते समय पाकिस्तान के राष्ट्रपति फ़ील्ड-मार्शल अय्यूब खां ने कहा, ‘मिल्खा आज तुम दौड़े नहीं, उड़े हो. मैं तुम्हें फ़्लाइंग सिख का ख़िताब देता हूं.’
