जम्मू-कश्मीर : पुलवामा में शहीद जवान जिलाजीत को नम आंखों से दी गयी अंतिम विदाई, तीन माह पहले ही बने थे पिता

जौनपुर / वाराणसी : जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच हुई मुठभेड़ में शहीद जवान जिलाजीत यादव का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव जौनपुर के धौरहरा इजरी लाया गया है. यहां गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. जिलाजीत तीन माह पहले पिता बने थे. परिवार वालों ने शहीद के पार्थिव शरीर के पास बेटे जीवांश को रखा, तो हर किसी के लिए यह भावुक क्षण था.

जौनपुर / वाराणसी : जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच हुई मुठभेड़ में शहीद जवान जिलाजीत यादव का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव जौनपुर के धौरहरा इजरी लाया गया है. यहां गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. जिलाजीत तीन माह पहले पिता बने थे. परिवार वालों ने शहीद के पार्थिव शरीर के पास बेटे जीवांश को रखा, तो हर किसी के लिए यह भावुक क्षण था.

शहीद की पत्नी व परिवारवालों का रो-रोकर बुरा हाल है. अंतिम दर्शन के लिए हजारों लोग हाथों में तिरंगा लेकर पहुंचे थे. लोग जिलाजीत की शहादत पर भारत माता के जयघोष कर रहे थे. शहीद का गोमती तट पर स्थित रामघाट पर राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया. जिलाजीत के चाचा ने मुखाग्नि दी.

प्रभारी मंत्री उपेंद्र तिवारी और जफराबाद के भाजपा विधायक हरेंद्र प्रसाद सिंह व राज्यमंत्री गिरी यादव और प्रशासनिक अधिकारियों ने शहीद को श्रद्धांजलि दी. इस दौरान पूरा घाट भारत माता के जयकारों से गूंजता रहा.

शहीद जवान अपने परिवार का इकलौता बेटा था

जलालपुर थाना क्षेत्र के धौरहरा इजरी गांव निवासी कांता यादव की चार संताने थीं. तीन बेटियों के अलावा उनका इकलौता बेटा जिलाजीत यादव साल 2014 में सेना में भर्ती हुआ था. वर्तमान में वे आरआर (राजस्थान राइफल्स) 53 बटालियन में सिपाही के पद पर तैनात थे. साल 2017 में उसकी शादी हुई थी. तीन माह पहले जिलाजीत पिता बने थे. आखिरी बार वे जनवरी माह में गांव आये थे. दो साल पहले पिता कांता यादव का निधन हो गया था.

बुधवार अहले सुबह दो बजे हुई थी मुठभेड़

जानकारी के अनुसार, बुधवार की अहले सुबह दो बजे पुलवामा में सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ में सैनिक जिलाजीत शहीद हो गये थे. उनके एक साथी को भी गोली लगी. सुरक्षा बलों ने सर्च ऑपरेशन चलाया तो घटनास्थल से एके-47, ग्रेनेड के साथ ही अन्य आपत्तिजनक सामान भी बरामद हुए थे.

Posted By : Kaushal Kishor

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