Weather Update: बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर से ओडिशा में भारी बारिश, भूस्खलन से 19 गांवों का संपर्क टूटा

ओडिशा के नुआपाड़ा, बलांगीर, कालाहांडी, बारगढ़, बौध, सोनपुर, संबलपुर जिलों में शुक्रवार सुबह साढ़े आठ बजे से शनिवार सुबह साढ़े आठ बजे के बीच कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है.

ओडिशा तट पर बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने से राज्य के कई हिस्सों में बृहस्पतिवार और शुक्रवार सुबह बारिश हुई. भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने एक बुलेटिन में कहा कि बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती परिसंचरण के कारण कम दबाव का क्षेत्र बना और इसके प्रभाव से ओडिशा तट पर 22 जुलाई तक 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने का अनुमान है.

मछुआरों को मौसम विभाग की सलाह, समुद्र में न उतरें

मौसम कार्यालय ने मछुआरों को इस दौरान समुद्र में न उतरने की सलाह दी है. चक्रवाती परिसंचरण के अगले दो दिन के दौरान ओडिशा से आगे बढ़ने की संभावना है और इससे 24 जुलाई तक राज्य के कुछ स्थानों पर हल्के से मध्यम बारिश तथा पूरे राज्य में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है. आईएमडी ने 24 जुलाई को एक और कम दबाव का क्षेत्र बनने का पूर्वानुमान जताया है.

ओडिशा के इन जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा का अलर्ट

ओडिशा के नुआपाड़ा, बलांगीर, कालाहांडी, बारगढ़, बौध, सोनपुर, संबलपुर जिलों में शुक्रवार सुबह साढ़े आठ बजे से शनिवार सुबह साढ़े आठ बजे के बीच कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है.

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इन जिलों के लिए मौसम विभाग ने जारी किया येलो अलर्ट

आईएमडी ने मलकानगिरी, कोरापुट, नबरंगपुर, कंधमाल, रायगढ़, गजपति, गंजम, अंगुल, नयागढ़, कटक और ढेंकनाल जिलों में शुक्रवार सुबह साढ़े आठ बजे से शनिवार सुबह साढ़े आठ बजे के बीच भारी बारिश की आशंका को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया है.

बयापाड़ा घाट में भूस्खलन से 19 गांवों का संपर्क टूटा

मौसम विभाग ने मलकानगिरी, कोरापुट, नबरंगपुर, कालाहांडी, कंधमाल, गंजम और गजपति जिलों के पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन की चेतावनी भी दी है. मलकानगिरी से प्राप्त एक खबर के अनुसार, बृहस्पतिवार को मूसलाधार बारिश के कारण बयापाड़ा घाट में भूस्खलन के बाद नाकामामुडी पंचायत के कम से कम 19 गांवों का संपर्क टूट गया.

सबसे ज्यादा 139 मिमी वर्षा नयागढ़ में

ओडिशा में पिछले 24 घंटों के दौरान कई जगहों पर भारी बारिश हुई है. सबसे ज्यादा 139 मिलीमीटर वर्षा नयागढ़ में रिकॉर्ड की गयी. दो जगहों पर बहुत भारी वर्षा हुई, जबकि 10 जगहों पर भारी वर्षा दर्ज की गयी है. आईएमडी भुवनेश्वर के मुताबिक, जिन जगहों पर सबसे ज्यादा बारिश हुई है, उसमें नयागढ़, बोलागाड़ा, बानकी, पदमपुर, धरमगढ़, झरियागांव, बिस्साम-कटक, कामाख्या नगर, रायघर, खपरखोल, लांजीगढ़, देवगांव और भापुर शामिल हैं.

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किस जिले में कहां कितनी वर्षा हुई

नायागढ़ जिले के नायागढ़ में 139 मिमी, खुर्दा जिले के बोलागाड़ा में 128 मिमी, कटक जिले के बानकी में 93 मिमी, बारागढ़ जिले के पदमपुर में 76 मिमी, रायगढा जिले के पदमपुर में 76 मिमी, कालाहांडी जिले के धरमगाड़ा में 70 मिमी, नवरंगपुर जिले के झरियागांव में 70 मिमी, रायगडा जिले के बिस्साम-कटक में 67.2 मिमी, ढेंकनाल जिले के कामाख्या नगर में 65.2 मिमी, नवरंगपुर जिले के रायघर, बोलांगीर जिले के खपराखोल में 65-65 मिमी, कालाहांडी के लांजीगढ़ में 64.6 मिमी, बोलांगीर जिले के देवगांव में 63 मिमी और नायागढ़ जिले के भापुर में 60.3 मिमी वर्षा हुई है.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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