Hariyali teej 2023 Date: कब है हरियाली तीज 19 या 20 अगस्त, जानें सही तारिख, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

Hariyali teej 2023 Date: हरियाली तीज कब है, तिथि को लेकर लोगों में कंफ्यूजन की स्थिति बन रही है. इस बार सुहागिन महिलाएं किस दिन व्रत रखेंगी. आइए जानते है सही तारिख, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त...

Hariyali teej 2023 Date: सावन मास में कई त्योहार मनाए जाते हैं. इन्हीं त्योहारों में से एक हरियाली तीज भी है. इस दिन महिलाएं व्रत रखती हैं. हरियाली तीज का व्रत सुहागिन महिलाएं हर साल सावन मास के शुक्ल पक्ष के तीसरे दिन करती हैं. साल 2023 में सावन शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 19 अगस्त दिन शनिवार को है. इस बार हरियाली तीज का त्योहार 19 अगस्त को मनाया जाएगा. इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए निर्जला व्रत रखती हैं और पूरे सोलह श्रृंगार कर शिव-गौरी की पूजा करती हैं. इसके अलावा कुंवारी कन्याओं के इस दिन व्रत रखने पर मनचाहे जीवनसाथी की प्राप्ति होती है. हरियाली तीज की पूजा के लिए सोलह श्रृंगार का बहुत ज्यादा महत्व होता है.

कब है हरियाली तीज (When is Hariyali Teej)

हरियाली तीज का व्रत हर वर्ष सावन मास में शुक्ल पक्ष के तृतीया तिथि को रखा जाता है. इस वर्ष शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 18 अगस्त की रात 8 बजकर 1 मिनट से शुरु हो रही है और यह 19 अगस्त की रात 10 बजकर 19 मिनट पर समाप्त हो जाएगी. उदयातिथि के अनुसार, हरियाली तीज 19 अगस्त 2023 दिन शनिवार को ही मनाई जाएगी. इस दिन रवि योग का निर्माण भी होने जा रहा है. रवि योग की शुरुआत 19 अगस्त की रात 1 बजकर 47 मिनट पर होगी और समापन 20 अगस्त सुबह 5 बजकर 53 मिनट पर होगा.

हरियाली तीज व्रत नियम और पूजा विधि (Hariyali Teej Puja Vidhi)

  • हरियाली तीज व्रत के दिन सबसे पहले सुबह ब्रह्म मुहूर्त में जग कर स्नान करें और हरे रंग के वस्त्र धारण करें.

  • इसके बाद पूजा घर को अच्छे से साफ-सुथरा कर लें.

  • पूजा घर में चौकी रखें और इस पर लाल रंग का वस्त्र बिछाएं.

  • वस्त्र बिछाने के बाद माता पार्वती, भगवान शिव और गणेश की मिट्टी की मुर्ति बनाकर स्थापित करें.

  • चौकी के दाहिनी तरफ घी के दीपक जलाएं

  • माता पार्वती, भगवान शिव और गणेश की मुर्ति पर रोली और अक्षत का तिलक लगाएं.

  • इसके बाद भगवान शिव को धतूरा, चंदन और सफेद रंग के फूल और माता पार्वती को श्रृंगार की समाग्री अर्पित करें.

  • इसके बाद भगवान भोलेनाथ और देवी पार्वती को भोग अर्पित लगाएं.

  • भोग लगाने के बाद धूप जलाकर हरियाली तीज व्रत कथा पढ़ें.

  • कथा समाप्त होने के बाद आरती कर पूजा का समापन करें.

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हरियाली तीज की पूजा सामग्री

हरियाली तीज की पूजा के लिए सबसे पहले मां पार्वती और शिवजी की मूर्ति रखें. इसके साथ ही एक चौकी भी तैयार करें. वहीं पूजा सामग्री के लिए आप पीला वस्त्र, कच्चा सूत, नए वस्त्र, केला के पत्ते, बेलपत्र, भांग, धतूरा, शमी के पत्ते, जनेऊ, जटा नारियल, सुपारी, कलश, अक्षत या चावल, दूर्वा घास, घी, कपूर, अबीर-गुलाल, श्रीफल, चंदन, गाय का दूध, गंगाजल, दही, मिश्री, शहद, पंचामृत रखें.

मां पार्वती को चढ़ाएं ये चीजें

हरियाली तीज के दिन खुद श्रृंगार करें. इसके साथ ही मां पार्वती को भी सुहाग की सामग्री चढ़ाएं. मां पार्वती को सुहाग का सामान अर्पित करने के लिए एक हरे रंग की साड़ी, चुनरी और सोलह श्रृंगार से जुड़े सुहाग के सामान में सिंदूर, बिंदी, चूड़ियां, माहौर, खोल, कुमकुम, कंघी, बिछुआ, मेहंदी, दर्पण और इत्र जैसी चीजों को जरूर रखें.

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लेखक के बारे में

राधेश्याम कुशवाहा ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से MJ (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म) की शिक्षा प्राप्त करने के बाद अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत भोपाल से प्रकाशित राज एक्सप्रेस समाचार पत्र से की. इसके बाद उन्होंने समय जगत, राजस्थान पत्रिका और हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं. वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म, अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 13 वर्षों का अनुभव रखने वाले राधेश्याम कुशवाहा को ज्योतिष शास्त्र, पंचांग गणना, ग्रह गोचर, नक्षत्र परिवर्तन, व्रत-त्योहारों की तिथियों तथा शुभ मुहूर्तों का गहन ज्ञान है. अपनी विशेषज्ञता के आधार पर वे धर्म-अध्यात्म और राशिफल से जुड़ी सटीक, तथ्यपरक एवं विश्वसनीय खबरें लिखते हैं. धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन में उनकी विशेष रुचि है. इसके अलावा राजनीति, अपराध और प्रेरणादायक (पॉजिटिव) विषयों पर लेखन में भी उनकी गहरी रुचि है.

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