Cooler और AC को हिंदी में क्या कहते हैं? अच्छे-अच्छों को नहीं पता इसका सही जवाब

गर्मियों के दिनों में हम खुद को ठंडा रखने के लिए Cooler और AC का सहारा लेते हैं. लेकिन क्या आपको पता है यह इनके हिंदी नहीं बल्कि अंग्रेजी नाम है. अक्सर लोग इसको लेकर कंफ्यूज हो जाते हैं, क्योंकि बहुतों को इसका दूसरा नाम पता ही नहीं होता. तो आइए आज आपको बताते हैं कूलर और एसी को आखिर हिंदी में क्या कहते हैं.

गर्मियों के मौसम में जब हमें जरूरत से ज्यादा गर्मी लगती है तो पंखें भी बेअसर हो जाते हैं. तब हमारे दिमाग में दो चीजों का नाम घूमने लगता है. सही समझा आपने, हम बात करे रहे हैं कूलर और एसी की. यही वो दो चीजें हैं जो झुलसाती गर्मी से हमें राहत दिलाते हैं. घर हो या ऑफिस, ज्यादातर जगहों पर कूलर या एसी ही हमारा सहारा बनते हैं.

कूलर और एसी को वैसे तो हम जरूरत पड़ने पर यूज करते हैं, लेकिन क्या आपको पता है यह इनके हिंदी नहीं बल्कि अंग्रेजी नाम है. अक्सर लोग इसको लेकर कंफ्यूज हो जाते हैं, क्योंकि बहुतों को इसका दूसरा नाम पता ही नहीं होता. तो आइए आज आपको बताते हैं कूलर और एसी को आखिर हिंदी में क्या कहते हैं.

Cooler को हिंदी में क्या कहते हैं?

कूलर को हिंदी में ‘शीतलक’ या ‘वायु शीतलक’ कहा जाता है. क्या आपको पता था ये नाम? कूलर का ये नाम सुनकर आप भी सोच में पड़ गए न. गांव हो या शहर, कूलर अब अधिकतर घरों में देखने को मिल ही जाते हैं. कारण यह है कि सबसे पहले तो ये बजट-फ्रेंडली होते हैं यानी कम कीमत में मिल जाते हैं दूसरा सबसे बड़ा फायदा ये होता है कि ये बिजली काफी कम खाते हैं. मार्किट में अब आपको कई तरह के कूलर देखने को मिल जाते होंगे. इन्हें आप प्लास्टिक, लोहा और फाइबर बॉडी में खरीद सकते हैं.

AC को हिंदी में क्या कहते हैं?

अब बात करते हैं AC की. AC यानी Air Conditioner को हिंदी में ‘वातानुकूलक’ कहा जाता है. इसे ‘शीत-ताप नियंत्रक’ भी कहते हैं. दरअसल ये मशीन हमारे कमरे के तापमान को नियंत्रित यानी कंट्रोल करता है, इस वजह से इसका ये नाम पड़ा.  दरअसल यह हमारे कमरे के ताप को नियंत्रित करता है इस वजह से इसे ‘शीत ताप नियंत्रक’ कहा जाता है. ये नाम अंग्रेजी के अपेझा में थोड़ा मुश्किल जरूर है लेकिन हमें इसकी जानकारी होनी भी बहुत जरूरी है. 

AC यानी Air Conditioner का आविष्कार विलिस हेवलैंड कैरियर ने साल 1902 में किया था. वो एक बफैलो फोर्ज प्रिंटिंग प्लांट (Buffalo Forge Printing Plant) में काम करते थे. प्लांट में अधिक गर्मी के कारण अखबार की प्रिंटिंग ठीक से नहीं हो पाती थी. खासकर रंगीन स्याही कागज पर साफ तरीके से नहीं छप पाती थी. इसी दिक्कत को दूर करने के लिए कैरियर ने एयर कंडीशनर का अविष्कार कर डाला.

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लेखक के बारे में

By Ankit Anand

अंकित आनंद, प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के तौर पर काम कर रहे हैं. वह पिछले डेढ़ साल से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में हैं. टेक जर्नलिस्ट के तौर पर अंकित स्मार्टफोन लॉन्च, टेलीकॉम अपडेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) न्यूज, गैजेट्स रिव्यू और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़ी खबरें कवर करते हैं. इसके अलावा, वह ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़ी अहम खबरों पर भी लिखते हैं. अंकित ने GGSIP यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन में ग्रेजुएशन की है.

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