फोन की लोकेशन ऑन रखने से ड्रोन अटैक का खतरा? सरकार ने किया अलर्ट

भारत-पाक तनाव के बीच सेना के नाम पर WhatsApp, Facebook, Instagram पर वायरल हो रहे फर्जी मैसेज को लेकर PIB Fact Check ने चेतावनी दी है. जानें किस मैसेज से सावधान रहें और कैसे करें फैक्ट चेक.

INDO PAK RIFT | Fact Check: भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच सोशल मीडिया पर सेना से जुड़ी कई भ्रामक जानकारियां वायरल हो रही हैं. भारत सरकार ने इस पर सतर्कता बरतने को कहा है और ऐसे मैसेज पर आंख मूंदकर भरोसा न करने की सलाह दी है.

सरकारी संस्था PIB Fact Check ने X (पहले ट्विटर) पर जानकारी दी कि पाकिस्तान की ओर से सोशल मीडिया पर गलत सूचना फैलाने की कोशिश की जा रही है. आने वाले समय में इस तरह की मिसइन्फॉर्मेशन और तेज हो सकती है.

Fact Check: क्या करना है अगर ऐसा कोई मैसेज आए?

अगर आपको WhatsApp, Facebook, Instagram या किसी और प्लैटफॉर्म पर सेना से जुड़ा कोई संदिग्ध मैसेज, वीडियो या दावा दिखाई दे, तो तुरंत उसका फैक्ट चेक कराना चाहिए.

PIB Fact Check ने इसके लिए WhatsApp नंबर +91 8799711259 और ईमेल – factcheck@pib.gov.in जारी किया है.

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Fact Check: ‘लोकेशन बंद करो’ जैसे मैसेज भी फेक

दो पड़ोसी देशों के बीच तनाव के इस माहौल में कुछ WhatsApp मैसेज यह भी दावा कर रहे हैं कि लोग अपने मोबाइल की लोकेशन बंद कर दें क्योंकि दुश्मन देशों के ड्रोन सिग्नल ट्रैक कर सकते हैं.

हालांकि ऐसी किसी जानकारी की सरकार ने पुष्टि नहीं की है. PIB ने ऐसे दावों को गलत और डर फैलाने वाला बताया है.

Fact Check: गलत सूचना कैसे फैलती है?

सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, युद्ध या तनाव की स्थिति में विरोधी देश फेक न्यूज और अफवाहों के जरिए लोगों में डर और भ्रम पैदा करने की कोशिश करते हैं. इसलिए किसी भी खबर को शेयर करने से पहले उसकी सच्चाई जांचना बेहद जरूरी है.

Fact Check: सरकार की अपील क्या है?

PIB Fact Check ने साफ किया है कि अगर सेना या सुरक्षा से जुड़ी कोई सूचना मिलती है, तो उसे पहले फैक्ट चेक कराना चाहिए. बिना पुष्टि के कोई भी जानकारी सोशल मीडिया पर शेयर करना या फॉरवर्ड करना देश की सुरक्षा के खिलाफ हो सकता है.

Fact Check: इन बातों को याद रखें

किसी भी मैसेज को आंख बंदकर भरोसा न करें,

PIB Fact Check से वेरिफाई करें,

गलत जानकारी फैलाने से बचें,

सेना से जुड़ी अफवाहों से सतर्क रहें, और

सही जानकारी के लिए ऑफिशियल सरकारी स्रोतों पर भरोसा करें, सोशल मीडिया अफवाहों से नहीं.

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By Rajeev kumar

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