स्लीप मोड में कितना पावर खाता है लैपटॉप? जानें बैटरी और डिवाइस पर क्या असर पड़ता है

Laptop Sleep Mode: लैपटॉप को इस तरह बनाया जाता है कि जब उसका इस्तेमाल नहीं हो रहा हो, तो वह खुद ही बिजली बचा सके. यही वजह है कि कई लोग स्लीप मोड का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि स्लीप मोड के दौरान लैपटॉप कितनी बिजली खपत करता है? आइए जानते हैं.

Laptop Sleep Mode: जब लैपटॉप का यूज नहीं किया जाता है, तो बैटरी बचाने के लिए उसमें कई पावर सेविंग फीचर्स दिए जाते हैं. इनमें से सबसे ज्यादा लोग स्लीप मोड का यूज करते हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि स्लीप मोड में लैपटॉप कितनी बिजली खपत करता है और क्या इसे बार-बार इस्तेमाल करने से लैपटॉप की सेहत पर कोई असर पड़ता है? आइए इसे समझते हैं.

क्या होता है स्लीप मोड?

जब आप लैपटॉप को स्लीप मोड पर डाल देते हैं, तो उसका ज्यादातर सिस्टम लगभग बंद जैसा हो जाता है. या यूं कहें तो बहुत कम पावर पर चलने लगता है. स्क्रीन ऑफ हो जाती है, प्रोसेसर काम करना बंद कर देता है और हार्ड ड्राइव या SSD भी आराम करने लगते हैं. लेकिन लैपटॉप पूरी तरह बंद नहीं होता, थोड़ी बहुत बिजली इसलिए लेता रहता है ताकि आप दोबारा खोलें तो काम वहीं से तुरंत शुरू हो जाए.

कितनी बिजली खाता है स्लीप मोड?

आमतौर पर स्लीप मोड में लैपटॉप करीब 0.5 से 2 वॉट तक ही बिजली खर्च करता है. ये नॉर्मल यूज के मुकाबले बहुत कम है. आम तौर पर लैपटॉप चलते समय 20 से 60 वॉट तक बिजली ले सकता है. इसलिए अगर लैपटॉप पूरी रात स्लीप मोड में भी रहे, तो बिजली का खर्च लगभग ना के बराबर ही होता है.

स्लीप मोड बनाम शटडाउन

लैपटॉप को शटडाउन करने पर उसकी बिजली की खपत लगभग पूरी तरह बंद हो जाती है. लेकिन स्लीप मोड ज्यादा आसान और काम का ऑप्शन माना जाता है. इसमें आप लैपटॉप को बिना दोबारा ऑन होने का इंतजार किए तुरंत अपना काम वहीं से शुरू कर सकते हैं. छोटे ब्रेक या रात भर के लिए स्लीप मोड इस्तेमाल करना, लैपटॉप को पूरी तरह ऑन छोड़ने से बेहतर और ज्यादा बिजली बचाने वाला तरीका होता है.

स्लीप मोड कब यूज नहीं करना चाहिए 

अगर आप कई दिनों तक लैपटॉप इस्तेमाल नहीं करने वाले हैं, तो उसे सिर्फ स्लीप मोड में रखने के बजाय पूरी तरह बंद (शटडाउन) कर देना बेहतर रहता है. साथ ही, जब बड़े सिस्टम अपडेट इंस्टॉल करने हों, तब भी शटडाउन या रीस्टार्ट करना जरूरी होता है. इससे टेम्परेरी फाइल्स साफ हो जाती हैं और लैपटॉप स्मूद चलता है.

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By Ankit anand

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अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.

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अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.

उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई और करियर

बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.

प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.

विजन

अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.

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