Meta Orion AR Glass: क्या स्मार्टफोन को रिप्लेस कर सकता है मेटा का स्मार्ट ग्लास ऑरियन?

Meta Orion AR Glass: यह स्मार्ट चश्मा पहनकर अलग-अलग भाषाएं समझना आसान होगा. इसमें अनुवाद का रियल-टाइम फीचर भी है, जो नैनो स्पीकर से जुड़ा है. यह फीचर दुनिया की कई भाषाओं का अंग्रेजी में अनुवाद करेगा.

Meta Orion AR Glass: फेसबुक की पैरेंट कंपनी मेटा ने अपने बहुप्रतीक्षित स्मार्ट चश्मे ऑरियन काे अनवील कर दिया है. वजन में 100 ग्राम का यह चश्मा होलोग्राफिक लेंस से लैस है. कंपनी का दावा है कि इससे आभासी दुनिया भी असली जैसी नजर आयेगी. मेटा के सीइओ मार्क जुकरबर्ग ने कैलिफोर्निया में कंपनी के मेटा कनेक्ट 2024 इवेंट में बताया कि यह देखने में आम चश्मे जैसा है, लेकिन इसे पहनकर लोग अलग ही अनुभव से गुजरेंगे.

अब तक बना सबसे एडवांस एआर ग्लास

ऑरियन के विकास में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) और ऑग्मेंटेड रियलिटी (एआर) का अहम योगदान है. कंपनी इस स्मार्ट ग्लास पर लंबे समय से काम कर रही थी. इसे प्रॉजेक्ट नजारे कोडनेम के नाम से पहले जाना जाता था. यह अब तक बना सबसे एडवांस एआर ग्लास है. इसमें एआइ इंटिग्रेशन और न्यूरल इंटरफेस दिया गया है. इसमें एआई वॉइस असिस्टेंट, हैंड ट्रैकिंग, आई ट्रैकिंग और रिस्ट बेस्ड न्यूरल इंटरफेस फीचर दिया गया है.

गिर जाएगी भाषाओं की दीवार

भविष्य में मेटा का यह स्मार्ट ग्लास स्मार्टफोन को रिप्लेस कर सकता है. हालांकि जुकरबर्ग ने यह नहीं बताया कि ऑरियन कब लॉन्च होगा. यह स्मार्ट चश्मा पहनकर अलग-अलग भाषाएं समझना आसान होगा. इसमें अनुवाद का रियल-टाइम फीचर भी है, जो नैनो स्पीकर से जुड़ा है. यह फीचर दुनिया की कई भाषाओं का अंग्रेजी में अनुवाद करेगा. जुकरबर्ग ने बताया कि इससे भाषाओं की दीवार गिर जाएगी. सोशल मीडिया पर चैटिंग, यात्रा और बिजनेस के दौरान ऑरियन पहनकर विभिन्न भाषाओं के लोग एक-दूसरे से बात कर सकेंगे.

मिलेंगे कई यूनीक फीचर्स

आसान भाषा में कहें, तो मेटा ऑरियन एक ऐसा कंप्यूटर है, जिसे आप चेहरे पर लगा सकते हैं
इस छोटे से स्मार्ट ग्लास में आपको बड़े फील्ड-ऑफ-व्यू का एक्सपीरिएंस मिलेगा
इसमें आपको मल्टीटास्किंग करने के लिए बड़ी स्क्रीन की तरह इंटरफेस मिलेगा
आप इस स्मार्ट डिवाइस के जरिये लोगों से होलोग्राफी के जरिये कनेक्ट कर सकते हैं
यह इतना आसान होगा कि आपको फिजिकल और वर्चुअल वर्ल्ड में कोई अंतर नजर नहीं आयेगा
इस स्मार्ट ग्लास को आप इंडोर और आउटडोर दोनों जगह इस्तेमाल कर सकते हैं
इसके जरिये रिमोटली भी फेस-टू-फेस कनेक्शन की जा सकती है
इस स्मार्ट ग्लास की एक और खास बात है कि देखने में यह किसी रेगुलर चश्मे की तरह ही लगता है.

मार्वेल के आयरन मैन जैसी फीलिंग

मेटा का यह एआर स्मार्ट ग्लास एडवांस सिलिकॉन-कार्बाइड आर्किटेक्चर टेक्नोलॉजी पर बेस्ड है. यह टेक्नोलॉजी होलोग्राफिक प्रोजेक्शन को फिजिकल एनवायरमेंट के साथ आसानी से साथ लेकर आती है. यूजर्स को इस स्मार्ट एआर ग्लास में मार्वल के आयरन मैन जैसी फीलिंग आयेगी.

रिस्टबैंड से कंट्रोल हो सकेंगे फीचर्स

खास डिस्प्ले वाला ऑरियन नये आर्किटेक्चर पर बना है. इसमें छोटे-छोटे प्रॉजेक्टर्स दिये गये हैं. इसके अलावा नैनो स्केल कॉम्पोनेंट्स और कस्टम सिलिकॉन के साथ सेंसर्स भी हैं. आंखों पर लगाने के बाद न्यू ईएमजी रिस्टबैंड पहनकर इसके फीचर्स को कंट्रोल किया जा सकेगा.

Meta Connect 2024 में मार्क जुकरबर्ग ने जो Quest 3S हेडसेट और Orion स्मार्ट ग्लास लॉन्च किये, उससे क्या होगा?

मेटा एआई का हिंदी में कैसे करें इस्तेमाल?

Mark Zuckerberg घर के पीछे क्यों लगायी पत्नी प्रिसिला की मूर्ति? क्या है इसका रोमन कनेक्शन?

Mark Zuckerberg लेकर आये सबसे बड़ा और सबसे पावरफुल Open Source AI

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >