आत्रेयी के घाटों की सफाई नहीं होने से क्षुब्ध छठव्रती

नगरपालिका प्रशासन पर लगा काली पूजा के बाद घाटों की उपेक्षा का आरोप... बालुरघाट : छठ महापर्व को लेकर गुरुवार को नहाय-खाय का अनुष्ठान पूरा किया गया. हालांकि आत्रेयी नदी में काली पूजा के बाद कांग्रेस घाट की सफाई नहीं होने से छठव्रतियों के परिजनों में नाराजगी है. आरोप है कि वर्तमान नगरपालिका का प्रशासकीय […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | November 1, 2019 2:25 AM

नगरपालिका प्रशासन पर लगा काली पूजा के बाद घाटों की उपेक्षा का आरोप

बालुरघाट : छठ महापर्व को लेकर गुरुवार को नहाय-खाय का अनुष्ठान पूरा किया गया. हालांकि आत्रेयी नदी में काली पूजा के बाद कांग्रेस घाट की सफाई नहीं होने से छठव्रतियों के परिजनों में नाराजगी है. आरोप है कि वर्तमान नगरपालिका का प्रशासकीय बोर्ड ने इस बारे में गंभीरता नहीं दिखायी है.
हालांकि वर्तमान सीईओ अतनु मंडल ने बताया कि श्रमिकों को भेजकर मूर्ति की लकड़ियों को हटाया गया है. अभी भी समय है. जल्दबाजी करने से फिर घाट गंदा हो सकता है. इसलिये छठ पूजा के पहले कांग्रेस घाट की सफाई कर दी जायेगी. उधर, तृणमूल नेता और पूर्व चेयरमैन राजेन शील का कहना है कि कांग्रेस घाट की सफाई को लेकर छठ व्रतियों के परिजनों में क्षोभ है. कोई उपाय नहीं देखकर ये लोग अपने रुपये खर्च कर घाटों की सफाई कर रहे हैं.
उल्लेखनीय है कि बालुरघाट शहर के बीचोंबीच आत्रेयी नदी बहती है. इसमें सदर या कल्याणी घाट और कांग्रेस घाट मुख्य हैं. वहीं पर पूजा की प्रतिमायें और पूजन सामग्री डाली जाती है. दुर्गा पूजा के विसर्जन के लिये दशमी और उसके दो रोज बाद घाट की विशेष निगरानी की गयी. लेकिन काली पूजा के बाद से नगरपालिका प्रशासन के पक्ष से किसी तरह की व्यवस्था नहीं ली गयी. इससे छठव्रतियों के लिये घाट बनाने की प्रक्रिया शुरु करने में परेशानी हो रही है. बाध्य होकर अपनी जेब से रुपये खर्च कर घाटों की सफाई करवानी पड़ रही है.
छठ पूजा से जुड़े प्रशांत रजक ओर दिलीप जायसवाल ने बताया कि सदरघाट और कांग्रेस घाट में औसतन 50-60 परिवार छठ पूजा करते हैं. इसके पहले नगरपालिका प्रशासन के पक्ष से घाटों की पूरी सफाई का ध्यान रखा गया था. लेकिन इस बार बड़ी परेशानी हो रही है. इससे छठ पूजा के लिये परेशानी के अलावा नदी क्षेत्र में प्रदूषण भी बढ़ रहा है. इसके अलावा उलटी दिशा में नहर खोदी गयी है. इससे बहुत से परिवारों को घाट बनाने में परेशानी हो रही है. उन्होंने नहर को पूर्ववत बनाने की मांग प्रशासन से की है. पूर्व चेयरमैन राजेन शील ने कहा कि उनके पास बहुत से लोग आकर शिकायत कर रहे हैं. उन्होंने प्रशासन से जल्द कदम उठाने की मांग की.