आखिरकार नेहा को मिल गया स्कूल जाने का अवसर

दिव्यांग भाई की देखभाल के कारण नहीं ले सकी थी दाखिला अखबार में खबर छपने के बाद स्वयंसवी संगठन ने की पहल नागराकाटा : समाचार खबरों में नेहाल का दर्द छपने के बाद जहां स्वंयसेवी संगठनों ने मदद का हाथ बढ़ाया था, वहीं आखिरकार उसकी देखभाल करने वाली दीदी नेहा को भी स्कूल जाने का […]

दिव्यांग भाई की देखभाल के कारण नहीं ले सकी थी दाखिला

अखबार में खबर छपने के बाद स्वयंसवी संगठन ने की पहल
नागराकाटा : समाचार खबरों में नेहाल का दर्द छपने के बाद जहां स्वंयसेवी संगठनों ने मदद का हाथ बढ़ाया था, वहीं आखिरकार उसकी देखभाल करने वाली दीदी नेहा को भी स्कूल जाने का अवसर मिल गया. लुकसान चाय बागान गुवाबाड़ी के श्रमिक लाईन निवासी भरत और रेनुका महली का बेटा नेहाल शारीरिक रुप से अक्षम होने के कारण उसे घर के आंगन में एक गड्ढ़ा खोदकर रख दिया जाता था.
जिसकी देखभाल उसकी दीदी नेहा करती थी. इस वजह से नेहा 9 वर्ष की हो गयी, लेकिन स्कूल का दरवाजा तक नहीं देख सकी थी. नेहा और नेहाल की खबर जब प्रभात खबर में प्रकाशित हुई तो प्रशासन हरकत में आया और नेहाल को उपचार मुहैया कराया.
इसके साथ ही नेहा को विद्यालय में दाखिला कराया गया. आज नेहा को एक स्वयंसेवी संगठन सिनी के सहयोग से लुकसान चाय बागान प्राथमिक विद्यालय में कक्षा एक में दाखिल कर दिया गया है. भरत महली ने बताया कि नेहाल का उपचार चल रहा है. नेहा को आज विद्यालय में दाखिल कर दिया है.
विद्यालय प्रधान शिक्षक विजय झा ने बताया कि नेहा को फिलहाल कक्षा में दाखिल किया गया है. विद्यालय में आने के बाद वह बहुत खुश है. हम अन्य बच्चों जैसे पढ़कर आगे बढ़े उस पर पूरा ध्यान देंगे.

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