टी20 विश्वकप में न्यूजीलैंड के सामने जीरो रही है टीम इंडिया, फाइनल में कैसे देगी शिकस्त?

T20 विश्व कप : नरेंद्र मोदी स्टेडियम में 8 मार्च की शाम बहुत रोचक होने वाली है क्योंकि दर्शकों के सामने बड़ा सवाल यह है कि आखिर विनर कौन होगा? भारतीय दर्शक यह चाहते हैं कि जसप्रीत बुमराह का जादू इस बैटिंग पिच पर कीवियों के लिए कहर बन जाए. वहीं न्यूजीलैंड के ग्लेन फिलिप्स का मानना है कि बुमराह भी इंसान है और हर दिन उनका हो यह जरूरी नहीं है. क्रिकेट के मैच में सही समय पर सही निर्णय का महत्व बहुत ज्यादा है, अब देखना यह है कि कौन सी टीम यह कर पाती है.

T20 विश्व कप : टी20 विश्वकप का फाइनल मुकाबला आज शाम भारत और न्यूजीलैंड के बीच अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाना है. इंग्लैंड के साथ बेहतरीन सेमीफाइनल जीतकर टीम इंडिया सेमीफाइनल में पहुंची है, जबकि न्यूजीलैंड, साउथ अफ्रीका को हराकर फाइनल में पहुंची है. फाइनल मुकाबला सांसें रोक देगा ऐसी उम्मीद की जा रही है. भारतीय दर्शक इस आस में हैं कि भारत एक बार फिर टी20 विश्वकप का फाइनल जीतेगा. मैच शाम सात बजे से अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा.

टी20 विश्वकप में न्यूजीलैंड के खिलाफ बहुत खराब है भारत का रिकाॅर्ड

टी20 विश्वकप में न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत के रिकाॅर्ड को देखें, तो काफी निराशा होती है क्योंकि भारत, न्यूजीलैंड के साथ खेलते हुए हार की हैट्रिक लगा चुका है. टी20 विश्वकप में भारत और न्यूजीलैंड के बीच अबतक 3 मैच खेले गए हैं और तीनों ही मैच न्यूजीलैंड ने जीता है. ये तो खैर हुई रिकाॅर्ड की बात, लेकिन हौसले की बात करें, तो सूर्य कुमार यादव के नेतृत्व में भारतीय टीम का जोश हाई है और अपनी धरती पर खेलने का एक मनोवैज्ञानिक फायदा भी उन्हें मिलने वाला है. पूरे सीरीज में टीम इंडिया जिस तरह का प्रदर्शन करते हुए फाइनल तक पहुंची है, खिताब जीतने के लिए टीम अपना पूरा जोर लगा देगी.

नरेंद्र मोदी स्टेडियम में कैसा रहा है भारत का प्रदर्शन

अहमदाबाद का नरेंद्र मोदी स्टेडियम 2023 के ओडीआई विश्वकप में भारत की हार का गवाह भले ही बना हो, लेकिन इस पिच पर भारत का ओवर ऑल रिकाॅर्ड बढ़िया रहा है. भारत ने इस पिच पर अबतक 10 टी20 मैच खेले हैं, जिनमें से 7 में भारत को जीत मिली है और 3 में हार का सामना करना पड़ा है. इस लिहाज से इस ग्राउंड पर भारत की जीत का प्रतिशत 70 है. 2023 में न्यूजीलैंड को टीम इंडिया ने इसी ग्राउंड पर रिकाॅर्ड 168 रन के अंतर से हरा चुकी है, जिस वजह से उसके हौसले बुलंद हैं. यह पिच बैटिंग के लिए अच्छी मानी जाती है इसलिए मैच हाई स्कोरिंग होगा इसकी उम्मीद भी की जा रही है.

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टी20 फाॅर्मेट में न्यूजीलैंड पर भारी है भारत का पलड़ा

टी20 विश्वकप में न्यूजीलैंड भले ही भारत पर हावी रहा हो, लेकिन टी20 फार्मेट में भारत, न्यूजीलैंड पर भारी है. दोनों देशों के बीच अबतक 30 टी20 मैच खेले गए हैं, जिनमें से 16 में भारत को जीत मिली है, जबकि 11 में न्यूजीलैंड जीता है और तीन मैच टाई रहे हैं.

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Author: Rajneesh Anand

Published by: ArbindKumar Mishra

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.

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