राज्यपाल बदलने पर घमासान, ममता बनर्जी ने आरएन रवि को बताया भाजपा कार्यकर्ता

West Bengal Governor Controversy: पश्चिम बंगाल में नये राज्यपाल की नियुक्ति पर राजनीति तेज हो गयी है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरएन रवि को भाजपा का कार्यकर्ता बताते हुए केंद्र सरकार पर हमला बोला है. उन्होंने पूर्व राज्यपाल सीवी आनंद बोस के अचानक इस्तीफे को केंद्र के दबाव में उठाया गया कदम बताया है.

West Bengal Governor Controversy: पश्चिम बंगाल में नये राज्यपाल पर सियासत तेज हो गयी है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया है कि राज्य के नये राज्यपाल आरएन रवि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ता की तरह काम करेंगे. उन्होंने यह भी दावा किया कि पूर्व राज्यपाल सीवी आनंद बोस का अचानक इस्तीफा केंद्र के दबाव का परिणाम था.

मतदाताओं के नाम काटे जाने के खिलाफ प्रदर्शन

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाये जाने के विरोध में चल रहे धरने के दौरान समर्थकों को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने शनिवार को केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार विधानसभा चुनाव से पहले लोक भवन को राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र बनाने की कोशिश कर रही है.

सीवी आनंद बोस के इस्तीफे पर उठाये सवाल

वेस्ट बंगाल की चीफ मिनिस्टर ममता बनर्जी ने कहा कि सीवी आनंद बोस को जिस तरह से हटाया गया, वह सामान्य प्रक्रिया नहीं थी. ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि उन्हें धमकाया गया था. कहा कि लोक भवन को भाजपा के पार्टी कार्यालय में बदलने की कोशिश की जा रही है. हालांकि, उन्होंने इन आरोपों के समर्थन में कोई ठोस उदाहरण नहीं दिया.

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ममता बनर्जी ने आरएन रवि पर भी साधा निशाना

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तमिलनाडु में आरएन रवि के कार्यकाल का जिक्र किया. तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो ने दावा किया कि वहां उनके कामकाज को लेकर सुप्रीम कोर्ट की ओर से कई टिप्पणियां की गयीं थीं. दीदी ने कहा कि पश्चिम बंगाल तमिलनाडु जैसा नहीं है. यहां किसी भी तरह की मनमानी बर्दास्त नहीं होगी. उन्होंने कहा कि राज्य की राजनीतिक परिस्थितियां अलग हैं और यहां जनता हर फैसले पर नजर रखती है.

केंद्र पर संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप

ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप भी लगाया. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार राज्यपालों को उनका पूरा कार्यकाल भी पूरा नहीं करने दे रही है. उन्होंने पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल और बाद में उपराष्ट्रपति बने जगदीप धनखड़ का उदाहरण देते हुए कहा कि उनके साथ भी ऐसा ही हुआ था.

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‘मोहम्मद बिन तुगलक’ वाली टिप्पणी

मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार के फैसलों की आलोचना करते हुए कहा कि सत्ता में बैठे लोग मोहम्मद बिन तुगलक से भी बदतर तरीके से काम कर रहे हैं. भारतीय राजनीति में यह टिप्पणी अक्सर अजीब या मनमाने फैसलों के संदर्भ में इस्तेमाल की जाती है. उन्होंने यह भी कहा कि अगर राज्य को धमकाने की कोशिश की गयी, तो तृणमूल कांग्रेस राजनीतिक स्तर पर इसका जवाब देगी.

अचानक इस्तीफे से बढ़ी राजनीतिक हलचल

इस सप्ताह की शुरुआत में सीवी आनंद बोस ने नयी दिल्ली में अपने पद से अचानक इस्तीफा दे दिया था. इस घटनाक्रम के बाद राज्य की राजनीति में कई तरह की अटकलें शुरू हो गयीं. इस्तीफे के बाद ममता बनर्जी ने कहा था कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें बताया है कि तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि पश्चिम बंगाल के नये राज्यपाल बनेंगे.

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चुनावी माहौल में बढ़ा सियासी तापमान

राज्य में यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब निर्वाचन आयोग जल्द ही पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा कर सकता है. ऐसे में राज्यपाल को लेकर उठे इस विवाद ने चुनावी माहौल को और गर्म कर दिया है.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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