खास बातें
West Bengal Election 2026 Matua Community: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण के रण में उत्तर 24 परगना जिले की बागदा और गायघाट सीटें हॉट सीट बन गयीं हैं. यहां मुकाबला सिर्फ भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच नहीं, बल्कि मतुआ समुदाय के प्रथम परिवार (ठाकुरबाड़ी) के बीच है.
2 खेमों में बंट गयी ठाकुरबाड़ी की विरासत
इस बार ठाकुरबाड़ी की विरासत 2 खेमों में बंट गयी है, जहां रिश्तेदार ही एक-दूसरे के खिलाफ ताल ठोक रहे हैं. मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में लाखों नाम कटने से शरणार्थी हिंदुओं में भारी नाराजगी और नागरिकता को लेकर अनिश्चितता का माहौल है.
बागदा में देवरानी बनाम जेठानी
बागदा निर्वाचन क्षेत्र में इस बार चुनावी जंग ठाकुरबाड़ी के बैठक कक्ष तक जा पहुंची है. यहां का मुकाबला बेहद दिलचस्प है. तृणमूल ने राज्यसभा सांसद ममताबाला ठाकुर की बेटी और निवर्तमान विधायक मधुपर्णा ठाकुर को मैदान में उतारा है. भाजपा ने केंद्रीय मंत्री शांतनु ठाकुर की पत्नी सोमा ठाकुर को उम्मीदवार बनाकर मुकाबले को पारिवारिक द्वंद्व में बदल दिया है.
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दुलाल बर ने कर दी बगावत, लड़ रहे निर्दलीय
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सोमा ठाकुर को टिकट दिया, तो स्थानीय कार्यकर्ता नाराज हो गये. पूर्व भाजपा विधायक दुलल बर ने बगावत कर दी और अब निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं. यह भाजपा उम्मीदवार सोमा की राह में मुश्किलें खड़ी कर सकता है.
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गायघाट में अपनों की बगावत झेल रहे सुब्रत ठाकुर
पड़ोसी सीट गायघाट पर शांतनु ठाकुर के बड़े भाई और भाजपा विधायक सुब्रत ठाकुर चुनाव लड़ रहे हैं. भाजपा में पारिवारिक उम्मीदवार थोपने को लेकर असंतोष दिखा. हालांकि, निर्दलीय नामांकन करने वाली तनिमा सेन ने नाम वापस ले लिया है, लेकिन भितरघात का खतरा बरकरार है. सुब्रत ठाकुर का सामना तृणमूल के नरोत्तम विश्वास से है, लेकिन असली चुनौती नाराज कार्यकर्ताओं को एकजुट रखने की है.
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मतदाता सूची से 12 लाख नामस गायब, भाजपा को झटका
मतुआ शरणार्थियों के बीच सबसे बड़ी चिंता SIR की वजह से है. उत्तर 24 परगना में मतुआ शरणार्थियों के 12.3 लाख से अधिक नाम मतदाता सूची से हटा दिये गये हैं. अकेले बागदा में 55,000 और गायघाट में 39,000 नाम गायब हैं. भाजपा ने 2019 से CAA के जरिये नागरिकता का वादा किया था, लेकिन अब मतदाता सूची से नाम कटने के बाद लोग खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं.
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West Bengal Election 2026 Matua Community: दलबदल की लहर
मतदाताओं में बेचैनी का फायदा तृणमूल कांग्रेस को मिल सकता है. अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद गायघाट में 61 भाजपा कार्यकर्ता तृणमूल में शामिल हो गये. बागदा में भी 50 मतुआ परिवारों ने पाला बदल लिया. शांतनु ठाकुर का कहना है कि प्रभावित लोग न्यायाधिकरण (Tribunal) जा सकते हैं, लेकिन चुनाव से ठीक पहले यह ‘वोट बैंक’ भाजपा के हाथ से फिसलता नजर आ रहा है.
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