शुभेंदु अधिकारी सरकार का बड़ा फैसला, अब 20 जून को मनेगा पश्चिम बंगाल स्थापना दिवस

West Bengal Cabinet Decision: पश्चिम बंगाल की शुभेंदु अधिकारी सरकार ने कैबिनेट बैठक में ऐतिहासिक फैसला लेते हुए अब हर साल 20 जून को आधिकारिक ‘पश्चिम बंगाल दिवस’ मनाने की घोषणा की है. मंत्री दिलीप घोष ने बताया कि यह डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के 1947 के प्रस्ताव का सम्मान है.

West Bengal Cabinet Decision: पश्चिम बंगाल की राजनीति और इतिहास को लेकर चल रही दशकों पुरानी वैचारिक जंग में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की नयी सरकार ने सबसे बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है. राज्य सचिवालय (नबान्न) में बुधवार को हुई हाई-प्रोफाइल कैबिनेट बैठक में एक ऐसा फैसला लिया गया, जिसने पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार के एक और बड़े नैरेटिव को पूरी तरह जमींदोज कर दिया.

दिलीप घोष बोले- 20 जून को होगा भव्य आयोजन

बंगाल कैबिनेट की बैठक के बाद राज्य के वरिष्ठ मंत्री दिलीप घोष ने बताया कि इस वर्ष (2026) से पश्चिम बंगाल का राज्य स्थापना दिवस (State Foundation Day) 20 जून को भव्य तरीके से मनाया जायेगा. यह फैसला बेहद आक्रामक है, क्योंकि इसने ममता बनर्जी के शासनकाल के दौरान तय किये गये पोइला बोइशाख (बंगाली नववर्ष) वाले राज्य दिवस को पूरी तरह खारिज कर दिया है.

श्यामा प्रसाद मुखर्जी का वो ऐतिहासिक ‘वोटिंग प्रस्ताव’

मंत्री दिलीप घोष ने कैबिनेट के फैसले की इनसाइड स्टोरी साझा करते हुए बताया कि वर्ष 1947 में 20 जून को तत्कालीन संयुक्त बंगाल की विधानसभा में एक ऐतिहासिक मतदान हुआ था. मतदान भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के कुशल और दूरदर्शी नेतृत्व में लाये गये एक विशेष प्रस्ताव पर हुआ था. इस ऐतिहासिक वोटिंग ने ही तय किया था कि बंगाल का विभाजन होगा और हिंदुओं व राष्ट्रवादियों के लिए एक सुरक्षित पश्चिम बंगाल (West Bengal) राज्य का गठन किया जायेगा.

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भारतीय जनता पार्टी हमेशा से 20 जून को ही पश्चिम बंगाल का स्थापना दिवस मानती रही है. विपक्ष में रहते हुए भी. इसके विपरीत, पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसके जवाब में एक नया नैरेटिव गढ़ते हुए बंगाली नववर्ष पोइला बोइशाख (जो हर साल 14 या 15 अप्रैल को पड़ता है) के दिन पश्चिम बंगाल दिवस मनाने का सरकारी आदेश जारी किया था.

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20 जून को सभी प्रखंडों में होंगे भव्य सरकारी कार्यक्रम

कैबिनेट में इस योजना को लेकर संस्कृति और गृह विभाग को विशेष बजट और दिशा-निर्देश जारी करने के निर्देश दिये गये हैं. इस साल 20 जून को राज्य सचिवालय नबान्न से लेकर दार्जिलिंग, डुआर्स, मालदा और दक्षिण 24 परगना के सभी सरकारी कार्यालयों, स्कूलों और ब्लॉकों में विशेष व्याख्यान, सांस्कृतिक कार्यक्रम और डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के योगदान पर आधारित प्रदर्शनियां लगायी जायेंगी.

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By Mithilesh Jha

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