Uttar Howrah Vidhan Sabha SIR: स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) की प्रक्रिया के बीच जारी मतदाता सूची से 63,66,952 वोटर्स के नाम हटाये जा चुके हैं. हावड़ा जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों में वोटर के नाम कटे हैं, लेकिन सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है उत्तर हावड़ा विधानसभा क्षेत्र. वर्ष 2025 के ड्राफ्ट रोल की तुलना में 60,268 मतदाताओं की कमी आयी है. इतने मतदाताओं के नाम एक साथ कट जाने से सत्तारूढ़ पार्टी ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (AITC) में बेचैनी देखी जा रही है.
तृणमूल और भाजपा एक-दूसरे पर बोल रहे हमला
तृणमूल इस मुद्दे पर इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की अगुवाई वाली केंद्र सरकार पर लगातार हमला बोल रही है. अब भाजपा ने भी पलटवार शुरू कर दिया है. बंगाल विधानसभा में मुख्य विपक्षी पार्टी बीजेपी का आरोप है कि फर्जी मतदाताओं के वोट से ही पिछले 2 विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस ने जीत हासिल की थी.
17231 मतदाता विचाराधीन, 3418 के नाम डिलीट
चुनाव आयोग की ओर से जारी आंकड़ों पर गौर करेंगे, तो पायेंगे कि वर्ष 2025 में उत्तर हावड़ा में कुल 2,24,000 मतदाता थे. एसआईआर के बाद प्रकाशित इनकम्प्लीट वोटर लिस्ट में मतदाताओं की संख्या घटकर 1,63,732 रह गयी. 17,231 मतदाता अभी भी ‘विचाराधीन’ की श्रेणी में है. 3,418 मतदाताओं के नाम डिलीट कर दिये गये हैं.
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2021 के चुनाव में टीएमसी-बीजेपी में हुआ था मुकाबला
वर्ष 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में उत्तर हावड़ा सीट पर मुकाबला हुआ था. तृणमूल प्रत्याशी गौतम चौधरी ने 5,522 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी. भाजपा दूसरे स्थान पर रही थी. गौतम चौधरी को 71,575 और भाजपा प्रत्याशी उमेश राय को 66,053 वोट मिले थे. तृणमूल को इस सीट पर 47.81 प्रतिशत और भाजपा को 44.12 प्रतिशत वोट मिले थे.
एसआईआर से उत्तर हावड़ा के चुनावी नतीजे पर कोई असर नहीं पड़ेगा. इस बार भी तृणमूल कांग्रेस बाजी मारेगी और जोड़ा फूल ही खिलेगा. तृणमूल प्रत्याशी मतदाताओं के वोट से जीतते हैं. इस बार भी जीत तय है. एसआईआर से लोग परेशान हुए हैं. इसका खामियाजा भाजपा को भुगतना पड़ेगा.
डॉ मानव जायसवाल, प्रवक्ता, तृणमूल कांग्रेस
5.46 लाख लोगों के नाम फिर हटाये गये
60,268 वोटर का नाम मतदाता सूची से हटाये जाने की विधानसभा क्षेत्र में खूब चर्चा है. इससे पहले 16 दिसंबर 2025 को चुनाव आयोग ने ड्राफ्ट सूची जारी की थी, उसमें 58,20,899 मतदाताओं के नाम हटाये गये थे. अंतिम सूची में 58.21 लाख के बाद 5.46 लाख से अधिक लोगों के नाम सूची से हटा दिये गये हैं.
एसआईआर में 60,268 मतदाताओं के नाम हटे हैं. 17,231 अब भी विचाराधीन की श्रेणी में है. अगर विचाराधीन श्रेणी के मतदाता अंतिम सूची में जुड़ भी जाते हैं, तो भी काफी अधिक संख्या में मतदाताओं के नाम हटे हैं. इससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि पिछले चुनाव में किस तरह धांधली हुई होगी. इस बार यहां कमल फूल खिलेगा.
उमेश राय, प्रदेश सचिव, भाजपा
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