विधायक मनोज उरांव विधानसभा से निलंबित, भाजपा का वॉकआउट

विधानसभा में सोमवार को शिक्षक नियुक्ति घोटाले से जुड़े ‘शिक्षा क्षेत्र में संकट’ पर स्थगन प्रस्ताव को स्वीकार न किये जाने के बाद भारी हंगामा हुआ. विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी ने यह कहते हुए प्रस्ताव को खारिज कर दिया कि मामला अदालत में विचाराधीन है. इसके विरोध में भाजपा विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया.

कोलकाता.

विधानसभा में सोमवार को शिक्षक नियुक्ति घोटाले से जुड़े ‘शिक्षा क्षेत्र में संकट’ पर स्थगन प्रस्ताव को स्वीकार न किये जाने के बाद भारी हंगामा हुआ. विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी ने यह कहते हुए प्रस्ताव को खारिज कर दिया कि मामला अदालत में विचाराधीन है. इसके विरोध में भाजपा विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया.

नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी की अनुपस्थिति में भाजपा के मुख्य सचेतक डॉ शंकर घोष के नेतृत्व में भाजपा विधायकों ने दोपहर 12:07 बजे सदन से वॉकआउट किया. इससे पहले भाजपा विधायकों ने सदन में जोरदार हंगामा किया और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सामने ‘सीएम हाय-हाय’ के नारे लगाये. इस दौरान कुमारग्राम के भाजपा विधायक मनोज उरांव नारेबाजी का नेतृत्व कर रहे थे. हंगामे के बीच, विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी ने अनुशासन भंग करने के आरोप में मनोज उरांव को पूरे दिन के लिए निलंबित कर दिया और डॉ शंकर घोष को उनके आचरण के लिए चेतावनी दी. स्पीकर ने पहले मनोज उरांव को शांति बनाये रखने के लिए कहा था, लेकिन उन्होंने अनसुना कर नारेबाजी जारी रखी. इसके बाद स्पीकर के निर्देश पर विधानसभा के मार्शल ने मनोज उरांव को सदन से बाहर निकाला. यह पूरी घटना मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सामने हुई.

विस परिसर में प्रदर्शन व आरोप-प्रत्यारोप

सदन से वॉकआउट करने के बाद भाजपा विधायकों ने विधानसभा परिसर में करीब 15 मिनट तक तुलसी के पौधे के साथ धरना प्रदर्शन किया. सोमवार को विधानसभा सत्र के पहले चरण से ही स्थिति तनावपूर्ण बनी रही. प्रश्नोत्तर सत्र के दौरान भाजपा की शिखा चटर्जी और शंकर घोष ने मुख्यमंत्री के भाषण के दौरान भी नारेबाजी की. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विरोध कर रहे भाजपा विधायकों पर पलटवार करते हुए कहा : पहले पार्षद का चुनाव जीतो. मुझे जबरदस्ती हराया गया था. मैं जीत कर यहां खड़ी हूं. उन्होंने असम की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि बांग्ला बोलने वाले लोगों को कुछ राज्यों में परेशान किया जा रहा है. मुख्यमंत्री ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा : आप केवल खराब शब्दों का इस्तेमाल करना चाहते हैं और निराधार आरोप लगाना जानते हैं. क्या भाजपा अब तय करेगी कि किसी को क्या पहनना चाहिए, क्या खाना चाहिए या कौन से जूते पहनने चाहिए? भाजपा द्वारा उनकी सरकार को भ्रष्ट बताने वाले नारों का जिक्र करते हुए बनर्जी ने कहा : मैं पूर्व सांसद के तौर पर मुझे आवंटित 1.5 लाख रुपये की पेंशन नहीं लेती. क्या आप लोग मुझे नैतिकता और ईमानदारी सिखाएंगे?

ममता बनर्जी का भाजपा पर निशाना

ममता बनर्जी ने राज्य में भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि अगले विधानसभा चुनाव में भाजपा शून्य पर सिमट जायेगी. उन्होंने दावा किया कि लोगों ने भाजपा की राजनीति को नकार दिया है और लोग भाजपा को पसंद नहीं कर रहे हैं. मुख्यमंत्री ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार का नाम लिए बिना उन पर कटाक्ष करते हुए हाल ही में हुए एक विवाद का जिक्र किया, जिसमें एक सिख पुलिस अधिकारी पर कथित तौर पर हमला किया गया था. उन्होंने कहा : एक ””अर्द्ध”” केंद्रीय मंत्री है, जिसे चप्पलों से प्यार है. वे चप्पल की दुकानें क्यों नहीं खोलते?

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Published by: Bijay kumar

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