एसआइआर : हर विस क्षेत्र में वार रूम बनायेगी तृणमूल

पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) प्रक्रिया को लेकर तृणमूल कांग्रेस अब पूरी तरह सक्रिय हो गयी है.

संवाददाता, कोलकाता

पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) प्रक्रिया को लेकर तृणमूल कांग्रेस अब पूरी तरह सक्रिय हो गयी है. पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सह सांसद अभिषेक बनर्जी ने शुक्रवार को सांसदों और विधायकों के अलावा बीएलए के साथ हुई वर्चुअल बैठक में स्पष्ट निर्देश दिया कि हर विधानसभा क्षेत्र में एक ‘वार रूम’ बनाया जाये. इसमें 15 सदस्यीय टीम होगी, जिनमें से पांच के पास लैपटॉप रहेंगे और एक सदस्य सीधे बीएलओ से संपर्क में रहेगा. श्री बनर्जी ने यह भी कहा कि पार्टी को जमीनी स्तर पर जाकर मतदाता सूची में होने वाली गड़बड़ियों की जांच करनी होगी. उन्होंने हार्ड कॉपी और डिजिटल सूची दोनों को मिलान करने का निर्देश दिया और चेतावनी दी कि अगर कहीं प्रक्रिया में असंगति या त्रुटि पायी गयी तो कानूनी मार्ग अपनाया जायेगा. जानकारी के अनुसार, कूचबिहार के माथाभांगा और उत्तर 24 परगना के अशोकनगर से मतदाता सूची में कई विसंगतियों की रिपोर्ट पार्टी को मिली है. कई स्थानों पर 2002 की सूची में नाम होने के बावजूद अब नाम गायब हैं. बनर्जी ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि जहां-जहां ऐसी शिकायतें मिल रही हैं, वहां विशेष निगरानी और निरीक्षण टीम भेजी जायेगी. उन्होंने प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में हेल्प डेस्क और सहायता शिविर स्थापित करने का भी आदेश दिया है, जिनमें प्रिंटर और लैपटॉप की सुविधा होगी. उनका निर्देश था “अगर कोई नागरिक मदद चाहता है, तो उसे हरसंभव सहयोग दिया जाये. लोगों को यह महसूस होना चाहिए कि तृणमूल कांग्रेस उनके साथ खड़ी है.”

अगले छह माह पार्टी के लिए परीक्षा की घड़ी : अभिषेक

बैठक में अभिषेक बनर्जी ने कहा कि “आगामी छह महीने पार्टी के लिए परीक्षा की घड़ी है. हाल ही में भाजपा के इशारे पर चुनाव आयोग ने एसआइआर की घोषणा की. यह दरअसल चोरी-छिपे वोटों में गड़बड़ी की साजिश है. तृणमूल कांग्रेस कानूनी लड़ाई लड़ेगी और सड़क पर भी संघर्ष होगा.” उन्होंने कहा- अगर किसी योग्य नागरिक का नाम सूची से हटाया गया, तो आंदोलन दिल्ली तक ले जाया जायेगा.” श्री बनर्जी ने एक बार फिर भाजपा नीत केंद्र सरकार पर मनरेगा फंड रोकने का आरोप दोहराया और कहा कि “100 दिन के काम का पैसा अब तक नहीं मिला. अदालत ने भी कहा, फिर भी केंद्र ने भुगतान नहीं किया. अब उस आंदोलन को फिर से आगे बढ़ाया जायेगा. इधर, चुनाव से पहले बीएलओ पर दबाव बनाया जा रहा है, जिससे असली मतदाताओं के नाम सूची से गायब हो रहे हैं.” बनर्जी ने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि “हर जिले में, हर घर तक पहुंचना होगा. बूथ लेवल एजेंट यानी बीएलए को जिम्मेदारी दी गयी है कि वे बीएलओ के साथ घर-घर जाकर सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी नागरिक का नाम छूटे नहीं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By AKHILESH KUMAR SINGH

AKHILESH KUMAR SINGH is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >