खास बातें
TMC Dissolves All Organizational Committees: पश्चिम बंगाल की राजनीति में बुधवार को ऐतिहासिक और अभूतपूर्व भूचाल आया, जिसने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के अस्तित्व पर ही संकट खड़ा कर दिया. विधानसभा चुनाव में करारी हार और शुभेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री बनने के बाद टीएमसी के भीतर सुलग रही बगावत की आग अब पूरी तरह भड़क चुकी है.
ममता के हाथों से फिसल गयी पार्टी की कमान!
बागी विधायकों द्वारा पार्टी को दोफाड़ करने की आधिकारिक कोशिशों के बीच ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी ने पश्चिम बंगाल की अपनी सभी संगठनात्मक कमेटियों और अग्रिम संगठनों को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया. पार्टी के गठन के बाद से इसे टीएमसी का अब तक का सबसे बड़ा और सबसे हताशा भरा फैसला माना जा रहा है. ऐसा माना जा रहा है कि ममता बनर्जी के हाथों से अब संगठन की कमान पूरी तरह फिसल चुकी है.
स्पीकर के पास पहुंची ‘अलग विधायक दल’ की अर्जी
तृणमूल कांग्रेस के बागी विधायकों के एक बड़े गुट ने बुधवार सुबह पश्चिम बंगाल विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात की. बागी विधायकों ने अध्यक्ष को एक आधिकारिक पत्र सौंपकर सदन में उन्हें अलग विधायक दल के रूप में मान्यता देने का लिखित अनुरोध किया.
दलबदल कानून को मात देने की तैयारी
बागी विधायकों की संख्या दलबदल कानून (Anti-Defection Law) के तहत आवश्यक दो-तिहाई के आंकड़े को पार कर चुकी है. इसका सीधा मतलब यह है कि बंगाल में ‘शिवसेना और एनसीपी’ जैसी बड़ी टूट की पटकथा अब अंतिम चरण में है. टीएमसी आधिकारिक रूप से कभी भी दो टुकड़ों में बंट सकती है.
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TMC Dissolves All Organizational Committees: X पर जारी हुआ फरमान
बागी विधायकों की इस चाल से घबरायी टीएमसी लीडरशिप ने आनन-फानन में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर बयान जारी कर पूरी राज्य इकाई को ही भंग कर दिया. पार्टी ने कहा- काफी विचार-विमर्श के बाद यह कड़ा निर्णय लिया गया है कि पश्चिम बंगाल में अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस की सभी जिला, ब्लॉक और राज्यस्तरीय समितियां और उसके सभी अग्रिम संगठन (जैसे छात्र और युवा विंग) तत्काल प्रभाव से भंग माने जायेंगे.
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परफॉर्मेंस की आड़ में बगावत दबाने की कोशिश
पार्टी ने इस फैसले के पीछे विधायकों की बगावत का सीधा जिक्र नहीं किया है. इस पर पर्दा डालते हुए टीएमसी ने कहा कि वह हर स्तर पर आत्ममंथन, प्रदर्शन समीक्षा और संगठनात्मक मूल्यांकन का व्यापक तरीके से आकलन करेगी. इस समीक्षा के बाद मूल संगठन का नये सिरे से पुनर्गठन किया जायेगा.
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