जादवपुर विश्वविद्यालय में 16 को ‘द बंगाल फाइल्स’ की स्क्रीनिंग से पहले संग्राम, वामपंथी छात्र संगठनों ने किया विरोध

The Bengal Files Controversy in Jadavpur University: विवेक अग्निहोत्री की फिल्म ‘द बंगाल फाइल्स’ की 16 अगस्त को यादवपुर विश्वविद्यालय में स्क्रीनिंग का NSF ने दावा किया. SFI और RSF ने धार्मिक ध्रुवीकरण का आरोप लगाकर विरोध दर्ज कराया.

The Bengal Files Controversy in Jadavpur University: फिल्म मेकर विवेक अग्निहोत्री की विवादित फिल्म ‘द बंगाल फाइल्स’ (The Bengal Files) को लेकर कोलकाता के प्रतिष्ठित जादवपुर विश्वविद्यालय (Jadavpur University) में राजनीतिक गरमाहट बढ़ गयी है. दक्षिणपंथी छात्र संगठन नेशनलिस्ट स्टूडेंट्स फ्रंट (NSF) द्वारा 16 अगस्त को ‘त्रिगुणा सेन सभागार’ में फिल्म के प्रदर्शन के ऐलान के बाद वामपंथी छात्र संगठनों ने इसका कड़ा विरोध शुरू कर दिया है.

ग्रेट कलकत्ता किलिंग्स पर आधारित है फिल्म : NSF

NSF के प्रवक्ता सोमसूर्य बनर्जी ने दावा किया कि यह फिल्म 1946 में मुस्लिम लीग के ‘डायरेक्ट एक्शन डे’ (प्रत्यक्ष कार्रवाई दिवस) के आह्वान और उसके बाद हुए ‘ग्रेट कलकत्ता किलिंग्स’ (Great Calcutta Killings) की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर आधारित है. संगठन का कहना है कि उन्हें विश्वविद्यालय के फिल्म अध्ययन विभाग (Film Studies Department) से अनापत्ति (NOC) मिलने के बाद प्रशासन से आधिकारिक अनुमति मिल चुकी है. NSF प्रवक्ता ने कहा- विद्यार्थियों को इतिहास को खुद देखने, सोचने, सवाल करने और अपनी राय बनाने का पूरा अधिकार होना चाहिए.

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SFI और RSF ने किया विरोध, माहौल बिगड़ने की आशंका

  • फिल्म की स्क्रीनिंग का माकपा (CPIM) के छात्र संगठन स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) और भाकपा (माले) लिबरेशन के छात्र संगठन रेवोल्यूशनरी स्टूडेंट्स फेडरेशन (RSF) ने विरोध किया है.
  • SFI की जादवपुर विश्वविद्यालय समिति के सचिव अभिनव बसु ने कहा कि वे किसी तरह की सेंसरशिप के पक्षधर नहीं हैं, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन को परिसर में शांति बनाये रखनी चाहिए. ऐसी फिल्में जो समाज में ध्रुवीकरण और सांप्रदायिक विभाजन को बढ़ावा देती हों, उन्हें दिखाने की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए.
  • RSF इकाई के सचिव इंद्रानुज रे ने कुलपति (VC) को पत्र लिखकर मांग की है कि फिल्म की स्क्रीनिंग की अनुमति रद्द की जाये, क्योंकि इससे विश्वविद्यालय के धर्मनिरपेक्ष, समावेशी और सौहार्दपूर्ण माहौल पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है.

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विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा- अंतिम फैसला अभी बाकी

विवाद बढ़ता देख विश्वविद्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि उन्हें NSF की ओर से आवेदन पत्र मिला है. हालांकि, अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रशासन की ओर से अभी तक यूनिवर्सिटी कैंपस में फिल्म दिखाने की अनुमति देने पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है.


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By मिथिलेश झा

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