खास बातें
Laxmi Bhandar Scam SIT Probe: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को तृणमूल कांग्रेस की पूर्ववर्ती सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी नकद अंतरण योजना ‘लक्ष्मीर भंडार’ में व्यापक धांधली की जांच के लिए एसआईटी बनाने का आदेश देकर प्रदेश की राजनीति में खलबली मचा दी है. राज्य सचिवालय ‘नबान्न’ में आयोजित एक हाई-प्रोफाइल संवाददाता सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि ममता बनर्जी सरकार की इस योजना में करीब 30 लाख खाते पूरी तरह फर्जी पाये गये हैं.
फर्जी दस्तावेजों के सहारे पुरुषों ने लिये पैसे
सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि महिलाओं के लिए बनी इस वित्तीय सहायता योजना का लाभ फर्जी दस्तावेजों के सहारे पुरुषों ने उठाया. मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अब राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) इस महा-घोटाले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन करने जा रहे हैं.
घोटाले के तरीके का मुख्यमंत्री ने किया खुलासा
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस घोटाले के मॉडस ऑपरेंडी (काम करने के तरीके) का खुलासा करते हुए सबको चौंका दिया. सरकारी फाइलों में हेर-फेर करके पुरुषों को महिला लाभार्थी के रूप में दर्ज किया गया और उनके खातों में हर महीने सरकारी पैसा ट्रांसफर होता रहा. मुख्यमंत्री ने बताया कि झूठे दावों और जालसाजी के जरिये योजना का लाभ उठाने के आरोप में कुछ पुरुषों को गिरफ्तार किया जा चुका है.
इसे भी पढ़ें : बंगाल की महिलाओं के खाते में इस दिन से आयेंगे 3000 रुपए, शुभेंदु अधिकारी सरकार ने की बड़ी घोषणा
मनी लाउंडरिंग की जांच
मुख्यमंत्री ने कहा कि चूंकि इस पूरे खेल में करोड़ों रुपए का अवैध नकद अंतरण (Illegal Cash Transfer) शामिल है, इसलिए सरकार इस मामले में धन शोधन यानी मनी लाउंडरिंग के एंगल से भी जांच आगे बढ़ायेगी.
12 पन्नों के फॉर्म का रहस्य और महा-धमाका
भाजपा सरकार द्वारा शुरू की जा रही ‘अन्नपूर्णा भंडार योजना’ पर विपक्ष लगातार हमलावर था. मुख्यमंत्री ने इसका करारा जवाब दिया है.
- सत्यापन क्यों है जरूरी?: टीएमसी के नेता भाजपा सरकार की नयी योजना के 12 पृष्ठों के लंबे सत्यापन प्रपत्र (Verification Form) पर सवाल उठा रहे थे. शुभेंदु अधिकारी ने साफ किया कि ‘लक्ष्मीर भंडार’ जैसी 30 लाख फर्जीवाड़े की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ही इतना कड़ा स्क्रूटनी सिस्टम बनाया गया है, ताकि टैक्सपेयर्स का पैसा सही हाथों में जाये.
- 3,000 रुपए प्रति माह की सौगात : ‘लक्ष्मीर भंडार’ की जगह लेने जा रही ‘अन्नपूर्णा भंडार योजना’ के तहत महिलाओं को मिलने वाली राशि को बढ़ाकर 3,000 रुपए प्रति माह कर दिया गया है.
- बुधवार को पहली किस्त : विरोधियों को करारा जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि आगामी बुधवार को राज्य की लाखों पात्र महिला लाभार्थियों के खातों में ‘अन्नपूर्णा भंडार’ की पहली किस्त सीधे ट्रांसफर कर दी जायेगी.
बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
जमीनी स्तर पर खत्म करेंगे भ्रष्टाचार
शुभेंदु अधिकारी ने पूर्ववर्ती सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस ने वोट बैंक की राजनीति के लिए सरकारी खजाने को दोनों हाथों से लुटाया. बिचौलियों को फायदा पहुंचाया. उन्होंने कहा- हम इन अनियमितताओं और भ्रष्टाचार को जमीनी स्तर पर पूरी तरह खत्म करके दम लेंगे. हर एक फर्जी खाते की जांच होगी और जिस भी अधिकारी या नेता ने इस पर दस्तखत किये हैं, वह जेल जायेगा.
Laxmi Bhandar Scam SIT Probe: टीएमसी खेमे में भारी बेचैनी
इस घोषणा के बाद तृणमूल कांग्रेस के भीतर हड़कंप मचा हुआ है. ‘लक्ष्मीर भंडार’ ममता बनर्जी का सबसे सफल चुनावी कार्ड माना जाता था, जिसने कई चुनावों में टीएमसी की नैया पार लगायी थी. अब उसी योजना में 30 लाख फर्जी खातों और पुरुषों द्वारा लाभ लिये जाने के खुलासे ने टीएमसी के ‘महिला सशक्तीकरण’ के दावों को बैकफुट पर ला दिया है. एसआईटी की जांच शुरू होते ही कई स्थानीय प्रमोटरों और प्रशासनिक अधिकारियों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है.
