तृणमूल सरकार ने अल्पसंख्यकों को ‘अंधकार युग’ में रखा : शमिक

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष व सांसद शमिक भट्टाचार्य ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के घृणित बयानों और उनके लगातार राष्ट्रविरोधी कार्यों की कड़े शब्दों में निंदा की है. श्री भट्टाचार्य ने कहा कि मुख्यमंत्री की हरकतों ने उनकी तुष्टीकरण की राजनीति का असली चेहरा दिखा दिया है, यह अल्पसंख्यकों की रक्षा के लिए नहीं, बल्कि असुरक्षा को हथियार बनाने, राष्ट्रीय एकता को तोड़ने और अंततः एक शांतिपूर्ण भारतीय पश्चिम बंगाल के अस्तित्व को खतरे में डालने की एक सोची-समझी साजिश है.

कोलकाता.

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष व सांसद शमिक भट्टाचार्य ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के घृणित बयानों और उनके लगातार राष्ट्रविरोधी कार्यों की कड़े शब्दों में निंदा की है. श्री भट्टाचार्य ने कहा कि मुख्यमंत्री की हरकतों ने उनकी तुष्टीकरण की राजनीति का असली चेहरा दिखा दिया है, यह अल्पसंख्यकों की रक्षा के लिए नहीं, बल्कि असुरक्षा को हथियार बनाने, राष्ट्रीय एकता को तोड़ने और अंततः एक शांतिपूर्ण भारतीय पश्चिम बंगाल के अस्तित्व को खतरे में डालने की एक सोची-समझी साजिश है. उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक से भी ज्यादा समय से, ममता बनर्जी ने मुस्लिम समुदाय के मन में लगातार डर और खुद को पीड़ित समझने की भावना पैदा की है. उन्होंने इस समुदाय का इस्तेमाल नागरिकों के सशक्तीकरण के लिए नहीं, बल्कि एक ””निजी सेना”” की तरह किया है, ताकि भारतीय राज्य की व्यवस्था को बिगाड़ा जा सके और सत्ता पर अपनी तानाशाही पकड़ को मजबूत रखा जा सके.प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने सत्तारूढ़ पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस के तानाशाही शासन में पश्चिम बंगाल के मुसलमानों को एक ””नरक”” जैसी स्थिति में रहने के लिए मजबूर कर दिया गया है. इस भ्रष्ट राज्य सरकार ने अल्पसंख्यक समुदाय को सामाजिक, आर्थिक या शैक्षिक रूप से ऊपर उठाने की एक भी ईमानदार कोशिश नहीं की है. उन्हें जान-बूझकर ””अंधकार युग”” (पुराने पिछड़े जमाने) में रखा गया है. तृणमूल कांग्रेस ने बेशर्मी से मुस्लिम समुदाय का इस्तेमाल किया है और उन्हें सिर्फ एक वोट बैंक समझ कर छोड़ दिया है. उन्हें जान-बूझकर मौकों से दूर रखा गया है और गरीबी में फंसाकर रखा गया है, ताकि वे अपनी हर जरूरत के लिए पूरी तरह से सत्ताधारी ””सिंडिकेट”” पर निर्भर रहें.

उन्होंने कहा कि जहां गरीब मुस्लिम अपने बच्चों को जर्जर और बदहाल मदरसों में भेजने के लिए मजबूर हैं, वहीं तृणमूल कांग्रेस के भ्रष्ट नेता और वसूली करने वाले अपने बच्चों को सबसे महंगे और आलीशान प्राइवेट स्कूलों में भेजते हैं. श्री भट्टाचार्य ने कहा कि कड़वी सच्चाई तो यह है कि मजबूरी में दूसरे राज्यों में जाकर हाड़-तोड़ मजदूरी करने वाले सबसे ज्यादा युवा और राज्य की जेलों में सड़ने वाले सबसे ज्यादा लोग मुस्लिम समुदाय से हैं.

बनावटी डर व घोर तुष्टीकरण के जरिये बंगाली हिंदुओं की घेराबंदी

तृणमूल कांग्रेस की यह रणनीति सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही नहीं है, बल्कि यह बंगाल के सामाजिक ढांचे को पूरी तरह से नष्ट करने की एक सोची-समझी और खतरनाक साजिश है. तृणमूल कांग्रेस जान-बूझकर अल्पसंख्यक समुदाय के मन में पैदा किये गये बनावटी डर को एक हथियार की तरह इस्तेमाल करती है, ताकि बंगाल के हिंदुओं को डराया जा सके.उन्हें कोने में धकेला जा सके और उनकी आवाज को हमेशा के लिए दबाया जा सके. ममता बनर्जी समाज में डर का जहर फैला कर और एक वर्ग का गलत पक्षपात करके हमारे भाईचारे को तोड़ रही हैं. उनका एकमात्र लक्ष्य अपनी डगमगाती कुर्सी को बचाना और अपना वोट बैंक पक्का करना है. इसके लिए वह पूरे बंगाल की शांति और बहुसंख्यक समाज के अधिकारों की बलि चढ़ा रही हैं. शमिक भट्टाचार्य कहा कि पश्चिम बंगाल के लोग आज एक गहरे विनाश की ओर देख रहे हैं. यह अब केवल शासन या भ्रष्टाचार के खिलाफ चुनाव नहीं है, क्योंकि यह भारत के एक अटूट, सुरक्षित और सांस्कृतिक रूप से गौरवान्वित राज्य के रूप में पश्चिम बंगाल के अस्तित्व को बचाने की एक आखिरी आर-पार की लड़ाई है. भाजपा इस धोखेबाज और बंगाल-विरोधी एजेंडे के खिलाफ रक्षा की आखिरी और मजबूत दीवार बनकर खड़ी है और हम एक गौरवशाली, सुरक्षित और समृद्ध ””विकसित पश्चिम बंगाल”” बनाने के लिए अपनी आखिरी सांस तक लड़ेंगे.

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Author: BIJAY KUMAR

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