निजी संस्थान ने बनाया डेंगू-मलेरिया के लार्वा को नष्ट करनेवाला विशेष ट्रैप

कोलकाता समेत देश के कई हिस्सों में हर साल डेंगू और मलेरिया का प्रकोप देखने को मिलता है.

केमिकल बनाने वाली कंपनी ने निगम के अधिकारियों के साथ की बैठक

संवाददाता, कोलकाता

कोलकाता समेत देश के कई हिस्सों में हर साल डेंगू और मलेरिया का प्रकोप देखने को मिलता है. इसी समस्या के समाधान के लिए एक निजी संस्थान ने ऐसा विशेष ट्रैप और केमिकल तैयार किया है, जो मादा मच्छरों को आकर्षित करने के साथ उनकी प्रजनन क्षमता को भी नष्ट कर देता है. इस तकनीक को विकसित करने वाली कंपनी का नाम ‘बायो ट्रैप्स’ है. कंपनी कोलकाता नगर निगम (केएमसी) को अपने इस उत्पाद को अपनाने का प्रस्ताव दे रही है. इसी क्रम में कंपनी की प्रतिनिधि रिम्पा सेन ने निगम के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी के साथ बैठक कर ट्रैप के काम करने की प्रक्रिया और संभावित लाभों की जानकारी दी. रिम्पा सेन ने बताया कि इस प्रणाली में गमले जैसे पात्र का उपयोग किया जाता है, जिसमें जाल (नेट) लगा होता है. पात्र में पानी और विशेष केमिकल का पाउच डालना होता है. केमिकल से निकलने वाली गंध मादा मच्छरों को आकर्षित करती है, जिससे वे उसी पात्र में अंडे देती हैं. इस प्रक्रिया में केमिकल लार्वा को विकसित होने से पहले ही नष्ट कर देता है और मादा मच्छर की प्रजनन क्षमता भी समाप्त हो जाती है. उन्होंने बताया कि ‘बायो ट्रैप्स’ पहले से ही ग्रेटर मुंबई नगर निगम (बीएमसी), बेंगलुरु नगर निगम और पुणे नगर निगम के साथ काम कर रही है. एक ट्रैप की कीमत लगभग 300 रुपये है और यह बड़े निर्माण स्थलों या मच्छर-प्रवण इलाकों में विशेष रूप से प्रभावी साबित हुआ है. कोलकाता नगर निगम अब इस तकनीक की उपयोगिता का मूल्यांकन कर रहा है. सफल पाये जाने पर इसे शहर में डेंगू नियंत्रण अभियान के हिस्से के रूप में शामिल किया जा सकता है.

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By AKHILESH KUMAR SINGH

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