सीताराम येचुरी के निधन को ममता बनर्जी ने बताया राष्ट्रीय क्षति, अभिषेक बनर्जी ने भी दी श्रद्धांजलि

Sitaram Yechury Death: माकपा महासचिव सीताराम येचुरी के निधन को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी ने राष्ट्र की क्षति बताया है.

Sitaram Yechury Demise: मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव सीताराम येचुरी के निधन पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शोक व्यक्त किया है. उन्होंने कहा है कि मैं वरिष्ठ वामपंथी नेता सीताराम येचुरी को जानती थी. उनका निधन राष्ट्रीय राजनीति के लिए बड़ी क्षति है. मैं उनके परिवार, दोस्तों और साथियों के प्रति संवेदना व्यक्त करती हूं.

सीताराम येचुरी के निधन की खबर से दुखी हूं – अभिषेक बनर्जी

ममता बनर्जी के भतीजे और पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टी अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने कहा कि वरिष्ठ माकपा नेता सीताराम येचुरी के निधन की खबर सुनकर दुखी हूं. हालांकि, हमारी राजनीतिक विचारधारा बिल्कुल अलग है, लेकिन मुझे कई बार उनसे मिलने का मौका मिला है.

जनहित और संसदीय प्रणाली की येचुरी की समझ अद्वितीय

हाल के कुछ वर्षों में विपक्षी दलों की बैठकों में उनके साथ मिलने और उन्हें जानने का अवसर मिला. अभिषेक बनर्जी ने कहा कि सीताराम येचुरी का साधारण व्यक्तित्व, जनहित के मुद्दों और संसदीय प्रणाली के बारे में उनकी समझ अदि्वतीय थी. मैं उनके परिजनों, मित्रों और उनके चाहने वालों की भावनाओं को समझ सकता हूं. ईश्वर सीताराम येचुरी की आत्मा को शांति दें.

नई दिल्ली एम्स में येचुरी ने ली अंतिम सांस

सीताराम येचुरी का गुरुवार को नई दिल्ली स्थित एम्स में निधन हो गया. वह 19 अगस्त से एम्स में भर्ती थे. सांस लेने में दिक्कत की वजह से उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उन्हें इमरजेंसी में रखा गया था. कई डॉक्टरों की टीम उनकी सेहत पर नजर रख रही थी. निमोनिया से पीड़ित सीताराम येचुरी का आज निधन हो गया. उनके निधन को देश भर के नेताओं ने राष्ट्र के लिए अपूरणीय क्षति बताया है.

Also Read : माकपा नेता सीताराम येचुरी के निधन से शोक में डूबा देश, राहुल गांधी ने दी प्रतिक्रिया

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >