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SIR in Bengal: कोलकाता : बंगाल विधानसभा के लिए चुनाव आयोग ने फाइनल वोटर लिस्ट जारी कर दिया है. वोटर लिस्ट में करीब 60 लाख ऐसे वोटर हैं, जिनकी नागरिकता संदिग्ध दिख रही है. इनमें एक महिला विश्व कप विजेता टीम की सदस्य ऋचा घोष है. उन्हें वोटर लिस्ट में ‘अंडर एडजुडिकेशन’ रखा गया है. ऋचा 2025 में ODI वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय टीम की हिस्सा थीं और देश की पहली बंगाली वर्ल्ड कप विनर हैं. ऋचा सिलीगुड़ी असेंबली सीट की वोटर रही हैं, लेकिन इस बार वो वोट कर पायेंगी या नहीं, यह सवाल के घेरे में हैं. निर्वाचन आयोग ने इन आरोपों पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
टीएमसी ने चुनाव आयोग पर जताया विरोध
इस मामले में तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर एसआईआर के दौरान गुपचुप धांधली करने का आरोप लगाया. टीएमसी ने दावा किया कि भारतीय क्रिकेटर ऋचा घोष के अलावा पश्चिम बंगाल के मंत्री मोहम्मद गुलाम रब्बानी और पार्टी के तीन अन्य विधायकों के नाम अंतिम मतदाता सूची में ‘विचाराधीन’ श्रेणी में रखे गए हैं. तृणमूल कांग्रेस ने कहा कि भारत की आईसीसी महिला विश्व कप विजेता टीम की सदस्य घोष को 28 फरवरी को प्रकाशित मतदाता सूची में ‘विचाराधीन’ श्रेणी में रखा गया है, जो आश्चर्य का विषय है.
चुनाव आयोग पर धांधली करने का लगाया आरोप
टीएमसी ने कहा कि बीजेपी और चुनाव आयोग का गुपचुप धांधली का तमाशा अब नई ऊंचाई पर पहुंच गया है. विश्व कप विजेता टीम की स्टार खिलाड़ी, बंगाल का गौरव, भारत की हीरो, नीली जर्सी पहनकर देश को गौरव दिलाने वाली विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋचा घोष को अब अंतिम मतदाता सूची में ‘विचाराधीन’ श्रेणी में रखा गया है. तृणमूल कांग्रेस ने कहा कि घोष ने विदेश में भारत का उत्कृष्ट प्रतिनिधित्व किया और हर बंगाली की प्रशंसा अर्जित की. सिलीगुड़ी की 22 साल की विकेटकीपर-बल्लेबाज भारत की 2025 आईसीसी महिला विश्व कप विजेता टीम की सदस्य थीं.
अपमानजनक जांच में शामिल करने की कोशिश
टीएमसी ने कहा कि पार्टी ने कहा कि ऋचा घोष को इस अपमानजनक जांच का सामना करने के लिए मजबूर किया जा रहा है. उनका नाम इस श्रेणी में रखा गया है, उनकी मतदाता स्थिति पर सवाल उठाए जा रहे हैं. इस मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया में उनका लोकतांत्रिक अधिकार खतरे में है. तृणमूल ने कहा कि जब मशहूर और राष्ट्रीय हस्तियों को भी मनमाने ढंग से निशाना बनाया जा सकता है, उनसे पूछताछ की जा सकती है और उन्हें इस अपमानजनक प्रक्रिया का शिकार बनाया जा सकता है, तो आम मतदाता के लिए क्या उम्मीद है?
टीएमसी के तीन विधायक भी विचाराधीन श्रेणी में
तृणमूल ने कहा कि यह बंगाल के लोगों को मताधिकार से वंचित करने, उनकी आवाज दबाने और एक-एक कर बंगाल की आवाज को मिटाने के लिए रची गई एक सुनियोजित अपमानजनक प्रक्रिया है. पार्टी ने कहा कि चार मौजूदा विधायकों – रब्बानी, रफीकुर रहमान, तोराफ हुसैन मंडल और स्वाति खंडोकर – को भी इसी श्रेणी में रखा गया है. पार्टी ने कहा कि बीरभूम जिला परिषद सभाधिपति काजल शेख और उनकी मां को भी विचाराधीन श्रेणी में रखा गया है.
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