नेताजी के वंशज चंद्र कुमार बोस को SIR हियरिंग का नोटिस, TMC ने कहा- ‍BJP की बदले की कार्रवाई?

SIR Bengal: बंगाल में एसआईआर पर राजनीति थमने का नाम नहीं ले रही. चुनाव आयोग की ओर से अब तक कई ऐसे लोगों को नोटिस जारी किया जा चुका है, जो न केवल राज्य, बल्कि पूरे देश का गौरव हैं. नोबेल लॉरीट अमर्त्य सेन, इंटरनेशनल क्रिकेटर मोहम्मद शमी, मोहन बागान फुटबॉल के लिजेंड शृजंय बोस के बाद अब नेताजी सुभाष चंद्र बोस के प्रपौत्र चंद्र बोस को एसआईआर हियरिंग का नोटिस मिला है. चंद्र बोस ने इस पर क्या रियैक्शन दिया, यहां पढ़ें.

SIR Bengal: बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले चल रही मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की हियरिंग का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन, क्रिकेटर मोहम्मद शमी के साथ-साथ राजनीतिक और शिक्षा जगत के लोगों को नोटिस भेजे जाने के लिए क्रिटिसिज्म झेल रहे चुनाव आयोग ने बंगाल के एक राष्ट्रनायक के परिवार को एसआईआर की सुनवाई का नोटिस भेज दिया है. ये शख्सीयत कोई और नहीं, नेताजी सुभाष चंद्र बोस के प्रपौत्र चंद्र बोस हैं.

चंद्र बोस ने पूछा- हमें भी साबित करनी होगी नागरिकता?

चुनाव आयोग की ओर से चंद्र बोस को एसआईआर हियरिंग का नोटिस भेजे जाने की खबर सामने आते ही, पॉलिटिकल और सोशल एक्टिविस्ट्स ने इसके लिए इलेक्शन कमीशन पर रियैक्ट करना शुरू कर दिया. चंद्र बोस खुद हैरान हैं. उन्होंने कहा है कि क्या अब नेताजी सुभाष चंद्र बोस के वंशजों को भी भारत की नागरिकता का प्रमाण देना होगा? आखिर देश किस दिशा में जा रहा है?

इलेक्शन कमीशन को देनी पड़ी सफाई

पॉलिटिकल पार्टीज ने इसकी आलोचना शुरू की, तो इलेक्शन कमीशन को सफाई देनी पड़ी. इलेक्शन कमीशन ने कहा है कि चंद्र बोस के एनुमरेशन फॉर्म में 2002 की मतदाता सूची में दर्ज किसी मतदाता से लिंक करने वाला कॉलम खाली छोड़ दिया था. इसी टेक्निकल गड़बड़ी की वजह से नियम के अनुसार उन्हें एसआईआर हियरिंग के लिए बुलाया गया है.

बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

आम नागरिकों के साथ-साथ कई वीआईपी को भेजा गया है नोटिस

पश्चिम बंगाल में एसआईआर हियरिंग के लिए आम नागरिकों के साथ-साथ कई वीआईपी को भी नोटिस भेजा जा चुका है. कई राजनीतिक दलों के नेताओं और उनके परिजनों को भी नोटिस भेजा गया है. इसमें विधायक और सांसद भी शामिल हैं. बंगाल में सरकार चला रही पार्टी तृणमूल कांग्रेस का आरोप है कि छोटी-छोटी गलतियों की वजह से लोगों को परेशान किया जा रहा है, उन्हें लाईन में खड़ा किया जा रहा है.

तृणमूल कांग्रेस ने मामले को राजनीतिक प्रतिशोध से जोड़ा

तृणमूल कांग्रेस ने चंद्र बोस को नोटिस भेजे जाने के मुद्दे को राजनीतिक रंग दे दिया है. टीएमसी ने पूछा है कि क्या राजनीतिक बदले की भावना के तहत चंद्र बोस को नोटिस भेजा गया है? दरअसल, चंद्र बोस भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के टिकट पर 2 बार चुनाव लड़ चुके हैं. हालांकि, वह किसी चुनाव में जीत नहीं सके. वर्ष 2023 में भाजपा से मतभेद के बाद उन्होंने पार्टी छोड़ दी थी.

इसे भी पढ़ें

बंगाल में SIR के विरोध में सड़क उतरे लोग, इलाम बाजार में घंटों रहा रोड जाम

बंगाल चुनाव 2026 के पहले एसआईआर सुनवाई से बढ़ी बेचैनी, अमर्त्य सेन के बाद जादवपुर यूनिवर्सिटी के वीसी तलब

बंगाल के पूर्व सांसद टूटू बोस और उनके बेटे शृंजय बोस को चुनाव आयोग ने किया तलब, टीएमसी ने बोला हमला

ममता बनर्जी का दावा- बंगाल में एसआईआर ने ले ली 84 जानें, 54 लाख वोटर को नहीं मिला पक्ष रखने का मौका

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है। उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवरेज करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है। मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >