कागजात जमा करने पर भी सुनवाई केंद्रों में नहीं दी जा रही रसीद

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद राज्य के विभिन्न सुनवाई केंद्रों में दस्तावेज जमा करने वाले लोगों को रसीद नहीं दी जा रही है.

कोलकाता. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद राज्य के विभिन्न सुनवाई केंद्रों में दस्तावेज जमा करने वाले लोगों को रसीद नहीं दी जा रही है. आरोप है कि रसीद मांगने पर चुनाव अधिकारी यह कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं कि आयोग की ओर से उन्हें इस संबंध में कोई स्पष्ट निर्देश नहीं मिला है. इसके चलते सुनवाई केंद्रों में पहुंचने वाले मतदाताओं को दस्तावेज जमा करने के बावजूद रसीद नहीं मिल पा रही है. गौरतलब है कि 19 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में निर्वाचन आयोग को निर्देश दिया था कि सुनवाई केंद्रों में आने वाले लोगों को दस्तावेज जमा करने के बदले रसीद दी जाये, साथ ही अनमैप्ड और लॉजिकल गड़बड़ियों की सूची भी प्रकाशित की जाये. भवानीपुर स्थित मित्रा इंस्टीट्यूट सुनवाई केंद्र पहुंचे मतदाता तुषार कांति दे ने बताया कि उन्हें सुनवाई के लिए बुलाया गया था, क्योंकि एसआइआर फॉर्म में उनका नाम गलत दर्ज था. उन्होंने आवश्यक दस्तावेज जमा किये, लेकिन रसीद मांगने पर अधिकारियों ने यह कहकर मना कर दिया कि उन्हें रसीद जारी करने के कोई निर्देश नहीं मिले हैं. हालांकि, बीएलओ ने सुनवाई की नोटिस पर उनसे हस्ताक्षर करवा लिए. वहीं, गीता सेनगुप्ता ने इसे सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना बताते हुए कहा, “कोर्ट ने स्पष्ट रूप से रसीद देने का निर्देश दिया था, इसके बावजूद रसीद नहीं दी जा रही है.” सुनवाई केंद्रों में जाने वाले लोगों के बीच यह चिंता भी बनी हुई है कि यदि भविष्य में आयोग दस्तावेज जमा किये जाने से इनकार कर देता है, तो उनके पास इसका कोई प्रमाण नहीं रहेगा. दूसरी ओर, बीएलओ का कहना है कि उन्हें रसीद देने से संबंधित कोई आदेश नहीं मिला है और फिलहाल केवल सुनवाई की नोटिस पर हस्ताक्षर कराए जा रहे हैं. हालांकि, आयोग से मिली जानकारी के अनुसार, सुनवाई की अगली प्रक्रिया 27 जनवरी से शुरू होगी और उस दौरान सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन किया जायेगा.

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Published by: Akhilesh kumar singh

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