राहुल सिन्हा का ममता बनर्जी पर हमला, टीएमसी के 4 राज्यसभा उम्मीदवारों में 50 प्रतिशत बंगाली नहीं

राहुल सिन्हा ने पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार पर जोरदार हमला बोला है. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार घोषित होते ही राहुल ने तृणमूल सरकार पर हमला बोल दिया. तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा प्रत्याशियों के मुद्दे पर राहुल सिन्हा ने क्या कहा, यहां पढ़ें.

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले होने जा रहे राज्य की 5 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव होने जा रहे हैं. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से राज्यसभा का उम्मीदवार घोषित किये जाने के बाद राहुल सिन्हा ने तृणमूल कांग्रेस पर हमला बोला है. उन्होंने कहा है कि ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (AITC) ने 4 राज्यसभा उम्मीदवार घोषित किये हैं. इनमें से 50 प्रतिशत यानी आधे बंगाली नहीं हैं.

बाबुल सुप्रियो, राजीव कुमार समेत 4 लोगों को टीएमसी ने दिया टिकट

तृणमूल कांग्रेस ने पिछले दिनों मंत्री बाबुल सुप्रियो, बंगाल के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कुमार, LGBTQ समुदाय से आने वाली सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ वकील मेनका गुरुस्वामी और बांग्ला फिल्मों की अभिनेत्री कोयल मलिक को राज्यसभा भेजने का फैसला किया. राहुल सिन्हा का कहना है कि इनमें से आधे बंगाली नहीं हैं.

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मेरा नामांकन भाजपा के सैकड़ों कार्यकर्ताओं को संदेश देता है कि उन्हें उचित समय पर मौका मिलेगा. यदि आप संगठन के लिए चुपचाप और समर्पित होकर काम करते हैं, तो आपको इसका फल जरूर मिलेगा.

राहुल सिन्हा, पश्चिम बंगाल से भाजपा के राज्यसभा उम्मीदवार

तृणमूल के कुशासन के मुद्दे को उठायेंगे उच्च सदन में

भाजपा के वरिष्ठ नेता राहुल सिन्हा ने कहा है कि आगामी राज्यसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल से उनकी उम्मीदवारी समर्पित कार्यकर्ताओं को पार्टी द्वारा महत्व दिये जाने का प्रमाण है. उन्होंने यह भी कहा कि निर्वाचित होने पर, वह पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के ‘कुशासन’ के मुद्दे को उच्च सदन में उठायेंगे.

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16 मार्च को होंगे राज्यसभा चुनाव, उसी दिन मतगणना भी

भाजपा द्वारा राज्यसभा चुनाव के लिए घोषित 9 उम्मीदवारों में पार्टी की पश्चिम बंगाल इकाई के पूर्व प्रमुख भी शामिल हैं. अप्रैल में अलग-अलग तारीखों पर रिक्त होने वाली 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों के लिए द्विवार्षिक चुनाव 16 मार्च को होने हैं. मतगणना भी उसी दिन होगी.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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