हावड़ा-अमृतसर पंजाब मेल में बम की खबर से सनसनी, चंदनपुर स्टेशन पर रोकी गयी ट्रेन

Punjab Mail Bomb Threat News: हावड़ा से अमृतसर जा रही पंजाब मेल (13005) में बम की सूचना से रेल यात्रियों में हड़कंप. चंदनपुर स्टेशन पर बम और डॉग स्क्वॉड की टीम कर रही है जांच. जानें ताजा अपडेट.

Punjab Mail Bomb Threat News| हावड़ा/चंदनपुर, श्रीकांत शर्मा : हावड़ा स्टेशन से अमृतसर के लिए रवाना हुई 13005 पंजाब मेल में बम होने की सूचना से शुक्रवार रात रेल महकमे में हड़कंप मच गया. ‘रेल मदद’ हेल्पलाइन नंबर पर मिली इस जानकारी के बाद आनन-फानन में ट्रेन को हावड़ा-बर्धमान रेल खंड के चंदनपुर स्टेशन पर रोक दिया गया. रात के अंधेरे में स्टेशन पर भारी पुलिस बल और बम निरोधक दस्ते को देख यात्रियों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया.

हावड़ा से निकलने के 1 घंटे बाद आया ‘डेंजर कॉल’

रेलवे सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पंजाब मेल अपने निर्धारित समय रात 7:20 बजे हावड़ा स्टेशन से खुली थी. ट्रेन अभी करीब 40 किलोमीटर का सफर तय कर चंदनपुर के करीब पहुंची ही थी कि रात करीब 8:30 बजे रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर एक अज्ञात कॉलर ने ट्रेन में बम होने की सूचना दी. सूचना मिलते ही रेलवे कंट्रोल रूम ने तुरंत ट्रेन को चंदनपुर स्टेशन पर रुकने का आदेश जारी कर दिया.

बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

चंदनपुर स्टेशन छावनी में तब्दील, अधिकारियों ने डाला डेरा

सूचना की गंभीरता को देखते हुए आरपीएफ (RPF) हावड़ा मंडल के वरिष्ठ सुरक्षा आयुक्त रघुबीर चोक्का अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंच गये.

  • सर्च ऑपरेशन : बम स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड की टीमों ने ट्रेन की एक-एक बोगी को खाली कराकर गहन तलाशी शुरू कर दी है.
  • यात्रियों में दहशत : रात के समय अचानक ट्रेन रोके जाने और सुरक्षा जांच शुरू होने से यात्री सहम गये. हालांकि, रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों को धैर्य बनाये रखने की अपील की है.
  • बारीकी से जांच : खबर लिखे जाने तक बम निरोधक दस्ते के सदस्य सीटों के नीचे, टॉयलेट और लगेज रैक की बारीकी से जांच कर रहे थे.

अज्ञात कॉलर की तलाश में जुटी एजेंसियां

रेलवे और पुलिस प्रशासन अब उस अज्ञात कॉलर की पहचान करने में जुटे हैं, जिसने 139 पर फोन कर यह सूचना दी थी. प्राथमिक तौर पर इसे ‘हॉक्स कॉल (अफवाह) भी माना जा रहा है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां कोई भी जोखिम लेने के मूड में नहीं हैं. पूरे चंदनपुर स्टेशन इलाके में सुरक्षा घेरा सख्त कर दिया गया है और अन्य ट्रेनों की आवाजाही पर भी सतर्कता बरती जा रही है.

इसे भी पढ़ें

Train Accident News: नीलांचल एक्सप्रेस हादसे में घायल 2 लोगों को मुरी लाया गया, एक की हालत गंभीर

बंगाल में पैसेंजर ट्रेन जलकर राख, CCTV में संदिग्ध मूवमेंट, फॉरेंसिक टीम करेगी जांच

ओडिशा ट्रेन हादसे के बाद रेलवे सुरक्षा पर उठ रहे सवाल, पटरी बदलने पर खर्च नहीं हो रहे पैसे

Trains Cancelled: दुमका में दुर्घटना के बाद 4 ट्रेनें रद्द, वंदे भारत समेत इन ट्रेनों को किया गया डायवर्ट

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >