PM Poshan Scheme West Bengal: पश्चिम बंगाल सरकार ने स्कूली बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए पीएम पोषण योजना (पूर्व में मध्याह्न भोजन/मिड-डे मील योजना) के तहत कई महत्वपूर्ण घोषणा की है. राज्य के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा बृहस्पतिवार को बताया गया कि प्रदेश के 8,375 एलपीजी कनेक्शन-रहित स्कूलों को रसोई गैस सुविधा के लिए प्रति स्कूल 3,000 रुपए की वित्तीय सहायता दी जायेगी. इतना ही नहीं, सरकार ने विद्यार्थियों के दैनिक भोजन सामग्री की लागत और खाना बनाने वाले रसोइया-सहायकों (Cook-cum-Helpers) का मासिक मानदेय भी बढ़ा दिया है.
लकड़ी के चूल्हे से मुक्ति : 8375 स्कूलों को LPG सुविधा
पीएम पोषण वार्षिक कार्य योजना (2026-27) के आंकड़ों के मुताबिक, राज्य के कुल 81,012 स्वीकृत स्कूलों में से 72,637 स्कूलों में एलपीजी कनेक्शन चालू था. 8,375 स्कूल अब भी खाना पकाने के लिए लकड़ी के चूल्हों पर निर्भर थे. प्रत्येक स्कूल को 3,000 रुपए मिलने से ये स्कूल अब एलपीजी आधारित रसोई व्यवस्था से जुड़ सकेंगे, जिससे बच्चों और रसोइयों को धुएं से मुक्ति मिलेगी. स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों को लाभ होगा.
इसके माध्यम से यह सुनिश्चित करना है कि लकड़ी पर निर्भर स्कूलों को एलपीजी सुविधा उपलब्ध करायी जाये और बच्चों को दिये जाने वाले भोजन की गुणवत्ता बनी रहे. खाना पकाने और भोजन से जुड़े प्रावधानों में वृद्धि इसी प्रयास का हिस्सा है. -अधिकारी, शिक्षा विभाग, पश्चिम बंगाल
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लकड़ी पर खाना पकाने वाले सबसे ज्यादा स्कूल बांकुड़ा में
पश्चिम बंगाल में लकड़ी से खाना बनाने वाले सबसे अधिक 3,639 स्कूल बांकुड़ा जिले में हैं. इसके बाद झारग्राम में 2,217 और पश्चिम बर्द्धमान में 1,007 स्कूल शामिल हैं.
लकड़ी से खाना पकाने वाले जिले और स्कूलों की संख्या
| जिले का नाम | स्कूलों की संख्या |
| बांकुड़ा | 3,639 |
| झारग्राम | 2,217 |
| पश्चिम बर्द्धमान | 1,007 |
| उत्तर दिनाजपुर | 613 |
| उत्तर 24 परगना | 366 |
| मुर्शिदाबाद | 310 |
| जलपाईगुड़ी | 217 |
| पूर्व मेदिनीपुर | 6 |
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इन जिलों के सभी स्कूलों में एलपीजी कनेक्शन
अलीपुरदुआर, बीरभूम, पूर्व बर्द्धमान, कूचबिहार, दक्षिण दिनाजपुर, हुगली, हावड़ा, मालदा, नदिया, पुरुलिया, सिलीगुड़ी, पश्चिम बर्द्धमान, दक्षिण 24 परगना और कलिम्पोंग समेत कई जिलों में आंकड़ों में शामिल सभी स्कूलों में एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध था.
बच्चों के भोजन की सामग्री की लागत में बढ़ोतरी
सरकारी, सहायता प्राप्त और प्रायोजित स्कूलों में प्री-प्राइमरी (बाल वाटिका) और प्राथमिक (Primary) कक्षाओं के विद्यार्थियों को दिये जाने वाले गर्म पके भोजन की प्रति छात्र सामग्री लागत (Cooking Cost) में 1 अगस्त से वृद्धि कर दी गयी है. पहले प्रति छात्र दैनिक लागत 6.78 रुपए थी, जिसे अब बढ़ाकर 10.00 रुपए कर दिया गया है.
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रसोइया-सहायकों का मानदेय अब 3,000 रुपए
योजना को जमीनी स्तर पर लागू करने वाले रसोइया-सहायकों के योगदान को देखते हुए राज्य सरकार ने उनके अतिरिक्त मासिक मानदेय (10 महीने की अवधि के लिए) को 1,000 रुपए से बढ़ाकर डबल यानी 2,000 रुपए कर दिया है. इस बढ़ोतरी के बाद अगस्त माह से प्रत्येक रसोइया-सहायक को प्रति माह कुल 3,000 रुपए का मानदेय मिलेगा.
क्या है पीएम पोषण योजना
पीएम पोषण योजना को पहले मध्याह्न भोजन योजना (Mid Day Meal Scheme) के नाम से जाना जाता था. इसके तहत स्कूली बच्चों को गर्म पका हुआ भोजन उपलब्ध कराया जाता है. बंगाल में भोजन सामग्री की बढ़ी हुई लागत से अब बच्चों को नियमित रूप से गर्म पका हुआ भोजन उपलब्ध कराने में अतिरिक्त सहायता मिलेगी. रसोइया-सहायकों के बढ़े हुए मानदेय से स्कूल स्तर पर योजना को लागू करने में उनकी भूमिका को मान्यता मिलेगी.
