पार्थ को मिली जमानत, जेल से रिहाई का रास्ता हुआ साफ

शिक्षक नियुक्ति घोटाले के सिलसिले में तीन साल से अधिक समय से जेल में बंद राज्य के पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी की रिहाई का रास्ता सोमवार को उस समय साफ हो गया, जब सीबीआइ की विशेष अदालत में आठ गवाहों से जिरह पूरी हो गयी.

संवाददाता, कोलकाता

शिक्षक नियुक्ति घोटाले के सिलसिले में तीन साल से अधिक समय से जेल में बंद राज्य के पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी की रिहाई का रास्ता सोमवार को उस समय साफ हो गया, जब सीबीआइ की विशेष अदालत में आठ गवाहों से जिरह पूरी हो गयी. सुप्रीम कोर्ट ने चटर्जी की जमानत अर्जी 18 अगस्त को स्वीकार कर ली थी. हालांकि, शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया था कि उन्हें निचली अदालत में महत्वपूर्ण गवाहों के बयान दर्ज किये जाने के बाद ही जेल से रिहा किया जायेगा. मामले में आठ गवाहों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद चटर्जी के वकील ने सोमवार को विशेष अदालत के समक्ष याचिका दायर की, जिसमें पूर्व शिक्षा मंत्री को जमानत पर रिहा करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया.

अलीपुर कोर्ट स्थित सीबीआइ की विशेष अदालत के न्यायाधीश ने मामले में आरोप पत्र तैयार किया और सुनवाई शुरू की. निचली अदालत ने फैसला सुनाया कि पहले चरण में आठ लोगों की गवाही दर्ज की जायेगी. सीबीआइ ने आठ गवाहों के नाम प्रस्तावित किये. आठवें गवाह की गवाही सोमवार को समाप्त हुई. जिसके बाद उनके वकील की तरफ से जमानत का आवेदन कर बॉन्ड जमा किया गया.

गिरफ्तारी के बाद से लगातार जेल व अस्पताल में हैं पार्थ: पार्थ गिरफ्तारी के बाद से जेल में हैं. कभी-कभी इलाज के लिए अस्पताल में भी जाते रहे हैं. इससे पहले, उन्हें सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर इडी मामले में जमानत मिली थी. भर्ती भ्रष्टाचार से जुड़े सीबीआइ मामले में भी उन्हें जमानत मिल चुकी है. सितंबर की शुरुआत में, अलीपुर की विशेष सीबीआइ अदालत ने कक्षा 9-10 और 11-12 के लिए शिक्षक भर्ती मामले में पार्थ को 7 हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दे दी थी. केवल एसएससी ग्रुप सी मामले में ही पार्थ को अभी तक अंतिम जमानत नहीं मिली थी.

जेल सूत्र बताते हैं कि विभिन्न शारीरिक समस्याओं से जूझ रहे पार्थ चटर्जी कई महीनों से इएम बाइपास स्थित एक निजी अस्पताल में इलाज करा रहे हैं. इसलिए, जेल से रिहाई की सूचना अस्पताल अधिकारियों को भी दी जायेगी. सोमवार को उन्होंने अस्पताल से ही वर्चुअली अदालती सुनवाई में हिस्सा लिया. जेल से रिहाई का आदेश सुनते ही उनके चेहरे पर मुस्कान आ गयी. वे हंसते हुए नजर आये. जेल सूत्र बताते हैं कि पार्थ चटर्जी के जेल से रिहाई की प्रक्रिया मंगलवार तक पूरी हो सकती है. ऐसी स्थिति में फिलहाल चटर्जी के तीन साल, तीन महीने और 18 दिन बाद मंगलवार को अपने घर लौटने की संभावना है. अस्पताल के सूत्र बताते हैं कि पूर्व मंत्री पैर की समस्या से जूझ रहे हैं. जेल से रिहा होने के बाद घर पर उनका इलाज कैसे जारी रहेगा, इसे लेकर भी चिंता बढ़ गयी है.

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Published by: Akhilesh kumar singh

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