Panihati Assembly Election 2026: बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में उत्तर 24 परगना की पानीहाटी सीट राज्य की सबसे चर्चित और भावनात्मक ‘बैटलग्राउंड’ बन गयी है. अगस्त 2024 के आरजी कर मेडिकल कॉलेज कांड की गूंज यहां घर-घर में सुनाई दे रही है. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बड़ा दांव खेलते हुए आरजी कर मेडिकल कॉलेज की मृतका चिकित्सक की मां रत्ना देबनाथ को मैदान में उतारा है, जिससे यह चुनाव महज एक सीट की लड़ाई न रहकर ‘इंसाफ बनाम सिस्टम’ का मुकाबला बन गया है.
पीड़िता की मां की हुंकार- बेटी को न्याय दिलाने निकली हूं
राजनीति में पहली बार कदम रखने वाली रत्ना देबनाथ का सामना तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कद्दावर नेता निर्मल घोष के बेटे तीर्थंकर घोष से है. रत्ना देबनाथ का कहना है कि उनकी बेटी की आत्मा तभी शांत होगी, जब बंगाल से तृणमूल का ‘सफाया’ होगा और कमल खिलेगा. मृतका के पिता ने भी स्पष्ट किया है कि वामपंथ के केवल विरोध प्रदर्शनों से थककर उन्होंने राजनीतिक बदलाव (भाजपा) का रास्ता चुना है.
टीएमसी का गढ़ और विरासत की चुनौती
पानीहाटी वर्ष 2011 से तृणमूल का मजबूत किला रहा है. निवर्तमान विधायक निर्मल घोष ने यहां लगातार जीत दर्ज की है, लेकिन इस बार उन्होंने अपने बेटे तीर्थंकर को कमान सौंपी है. टीएमसी का तर्क है कि भाजपा एक दुखद त्रासदी का ‘राजनीतिक लाभ’ उठा रही है.
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क्या कहते हैं आंकड़े
वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में यहां टीएमसी को 49.6 प्रतिशत वोट मिले थे. भाजपा को 34.6 प्रतिशत मत मिले थे. टीएमसी को अपने मजबूत सांगठनिक ढांचे पर भरोसा है कि वह ‘भावनात्मक लहर’ को रोक लेगी.
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माकपा का प्रतिरोध दांव
आरजी कर आंदोलन को सड़क पर जिंदा रखने वाली माकपा (CPIM) ने यहां से आंदोलन के प्रमुख चेहरे कलातन दासगुप्ता को उम्मीदवार बनाया है. माकपा का आरोप है कि भाजपा उस आंदोलन को ‘हथियाने’ की कोशिश कर रही है, जिसे छात्रों और वाम संगठनों ने अपने खून-पसीने से सींचा है.
पानीहाटी का समीकरण
हिंदू और मध्यमवर्गीय आबादी वाले इस उपनगर में स्थानीय मुद्दे (सड़क, पानी, बिजली) पीछे छूट गये हैं. मतदाताओं के बीच चर्चा का एकमात्र विषय यह है कि अगस्त 2024 की उस काली रात के गुनहगारों को सजा दिलाने में कौन विफल रहा? क्या एक मां का दुख टीएमसी के 15 साल के अभेद्य किले में सेंध लगा पायेगा?मतदाता 29 अप्रैल को इसका फैसला करेंगे.
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