ममता बनर्जी का दावा- बंगाल में एसआईआर ने ले ली 84 जानें, 54 लाख वोटर को नहीं मिला पक्ष रखने का मौका
बंगाल में जारी मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर राजनीति थमने का नाम नहीं ले रही. टूटू बोस और उनके परिजनों को नोटिस मिलने पर तृणमूल नेता कुणाल घोष ने चुनाव आयोग को निशाने पर लिया, तो ममता बनर्जी ने भी ईसीआई पर गंभीर आरोप लगाये हैं. ममता बनर्जी ने कहा है कि एसआईआर की वजह से अब तक बंगाल में 84 लोगों की जान जा चुकी है. 54 लाख लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिये गये. उन्हें अपना पक्ष तक नहीें रखने दिया गया. बंगाल की सीएम ने कहा है कि चुनाव आयोग अभी और एक करोड़ लोगों के नाम काटने की तैयारी में है.
Table of Contents
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी ने दावा किया है कि राज्य में विधानसभा चुनाव 2026 से पहले शुरू किये गये मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) ने अब तक 84 जानें ले लीं हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि ये आंकड़े मंगलवार सुबह तक के हैं. इसमें 17 लोगों की मौत ब्रेन स्ट्रोक से हुई और 4 लोगों ने आत्महत्या कर ली. टीएमसी सुप्रीमो ने दावा किया कि इन सभी लोगों की मौत एसआईआर नोटिस मिलने के बाद हुई है.
चुनाव आयोग, भाजपा, दुर्योधन और दुशासन ले मौतों की जिम्मेदारी – ममता
ममता बनर्जी ने कहा है कि चुनाव आयोग को इन सभी मौतों की जिम्मेदारी लेनी चाहिए. भाजपा को भी इन सभी लोगों की मौत की जिम्मेदारी लेनी चाहिए. ममता बनर्जी ने कहा कि यहां तक कि दुर्योधन और दुशासन की इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए. उन्होंने कहा कि भाजपा के निर्देश पर एआई के जरिये मतदाताओं के नाम हटाये जा रहे हैं. उन्होंने कहा- जहां तक हमारी जानकारी है, उनकी योजना है कि वे बिहार, झारखंड और ओडिशा के लोगों को बंगाल में लाकर वोट करवायें.
बंगाल के 54 लाख मतदाताओं को नहीं मिला पक्ष रखने का मौका
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि 54 लाख मतदाताओं के नाम एकतरफा तरीके से और निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (ईआरओ) की शक्तियों का दुरुपयोग करते हुए हटा दिये गये. कहा कि जिन लोगों के नाम वोटर लिस्ट से काटे गये, उनमें से ज्यादातर ‘वास्तविक मतदाता’ थे. उन्हें यह भी नहीं बताया गया कि उनके नाम क्यों काटे गये हैं.
बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
बंगाल में और एक करोड़ मतदाताओं के नाम काटे जायेंगे – ममता बनर्जी
मुख्यमंत्री ने मंगलवार को राज्य सचिवालय ‘नबान्न’ में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि भाजपा-निर्वाचन आयोग का गठजोड़ अंतिम मतदाता सूची से एक करोड़ और नाम हटाने की योजना बना रहा है. आोयग ने बूथ स्तरीय एजेंट-2 को एसआईआर संबंधी सुनवाई में शामिल होने की अनुमति नहीं दी, क्योंकि भाजपा इसके लिए अपने कार्यकर्ताओं को इकट्ठा नहीं कर पायी.
इसे बी पढ़ें
ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग को फिर लिखी चिट्ठी, कहा- SIR में AI के इस्तेमाल से हो रही परेशानी
बंगाल के पूर्व सांसद टूटू बोस और उनके बेटे शृंजय बोस को चुनाव आयोग ने किया तलब, टीएमसी ने बोला हमला
बंगाल में SIR को लेकर 2 लाख से ज्यादा दावे और आपत्ति दर्ज, सबसे अधिक इस पार्टी आया आवेदन
