मुर्शिदाबाद में ममता बनर्जी का अमित शाह पर सीधा प्रहार, कहा- वोटर लिस्ट से नाम कटने का बदला वोट से लें

Mamata Banerjee Shamsherganj Rally 2026: बंगाल चुनाव 2026 से पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुर्शिदाबाद में चुनावी रैली में मतदाता सूची से लोगों के नाम काटे जाने के मुद्दे पर केंद्र को निशाने पर लिया. उन्होंने कार्यकर्ताओं को EVM गड़बड़ी और NRC को लेकर अलर्ट रहने का निर्देश दिया. ममता ने और क्या-क्या कहा, यहां पढ़ें.

Mamata Banerjee Shamsherganj Rally 2026: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुर्शिदाबाद के शमशेरगंज में केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला. उन्होंने मतदाताओं से भावुक अपील करते हुए कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के नाम पर जिन लोगों के नाम हटाये गये हैं, उसका बदला जनता अपने ‘वोट’ से ले.

अमित शाह पर लगाया सीधा आरोप

तृणमूल कांग्रेस (TMC) सुप्रीमो ममता बनर्जी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का नाम लिये बिना उन पर निशाना साधा. कहा कि बंगाल में एसआईआर (SIR) प्रक्रिया के जरिये मतदाताओं के नाम हटाने के पीछे उन्हीं का हाथ है. उन्होंने चुनौती देते हुए कहा- अगर आपमें हिम्मत है, तो सीधे मुकाबला करें, पीठ पीछे वार न करें. मुख्यमंत्री ने उन लोगों से न्यायाधिकरण (Tribunal) में अपील करने का भी आग्रह किया, जिनके नाम सूची से हटा दिये गये हैं.

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EVM और बूथ एजेंटों को लेकर सतर्कता का निर्देश

मुख्यमंत्री ने पार्टी कार्यकर्ताओं और बूथ एजेंटों को 4 मई (मतगणना की तारीख) तक चौबीसों घंटे सतर्क रहने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि कुछ जगहों पर जान-बूझकर ईवीएम मशीनें खराब की जा सकती हैं. उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि मशीनों की मरम्मत की बजाय उन्हें तुरंत बदलने की मांग करें. ममता ने अपील की कि पश्चिम बंगाल के हित में कोई भी बूथ एजेंट भाजपा के हाथों खुद को न बेचें.

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वक्फ एक्ट और एनआरसी पर ममता का कड़ा रुख

शमशेरगंज और फरक्का के उम्मीदवारों के समर्थन में जनसभा को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने दावा किया कि उन्होंने वक्फ (संशोधन) अधिनियम के खिलाफ कड़ा संघर्ष किया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि वह बंगाल में एनआरसी (NRC) के नाम पर किसी भी हाल में डिटेंशन कैंप (निरुद्ध शिविर) नहीं बनने देंगी. उन्होंने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा- अगर मतदाता सूची में घुसपैठिये थे, तो प्रधानमंत्री और गृह मंत्री उन्हीं के वोटों से कैसे जीते? उन्हें पहले इस्तीफा देना चाहिए.

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Mamata Banerjee Shamsherganj Rally 2026: प्रशासन और तबादलों पर उठाए सवाल

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से ठीक पहले निर्वाचन आयोग द्वारा लगभग 500 अधिकारियों के तबादले पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह नियंत्रण केवल चुनाव तक सीमित है. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं के रिश्तेदारों को बंगाल में तैनात किया गया है, जबकि राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों को दूसरे राज्यों में भेजा जा रहा है. उन्होंने विकास कार्यों के ठप होने के लिए भी आयोग की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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