SIR का विरोध, चुनाव आयोग के खिलाफ 3 जिलों में रोष जतायेंगी ममता बनर्जी, निकालेंगी रैलियां

Mamata Banerjee Rally: पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस की ओर से SIR का विरोध जारी है. अब तृणमूल सुप्रीमो और राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सीमा से सटे 3 राज्यों में एसआईआर के खिलाफ रैली निकालने का फैसला किया है. मालदा, मुर्शिदाबाद और कूचबिहार में ममता बनर्जी की रैलियां होंगी. पार्टी के एक सूत्र ने यह जानकारी दी है.

Mamata Banerjee Rally: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का विरोध जारी रखेंगी. तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ने कहा है कि इस सप्ताह वह मालदा और मुर्शिदाबाद में रैलियां आयोजित कर निर्वाचन आयोग की मतदाता सूची के एसआईआर के खिलाफ रोष जतायेंगी. इसके बाद अगले सप्ताह कूचबिहार में एक जनसभा करेंगी. तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के एक नेता ने यह जानकारी दी है.

शरणार्थी बहुल मतुआ क्षेत्र में पिछले सप्ताह ममता ने की थी रैली

तृणमूल के नेता ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया है कि ममता बनर्जी की ओर से एसआईआर के विरोध का यह दूसरे चरण का अभियान होगा. इससे पहले बंगाल की अग्निकन्या के नाम से विख्यात ममता बनर्जी ने पिछले सप्ताह शरणार्थी बहुल मतुआ क्षेत्र में बनगांव में रैली की थी. उन्होंने आरोप लगाया था कि सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले परिवारों को डराने के लिए एसआईआर का दुरुपयोग किया जा रहा है.

भाजपा ने एसआईआर को बताया है ‘घुसपैठियों का सफाया’ अभियान

ममता बनर्जी के ये कार्यक्रम भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से एसआईआर को ‘घुसपैठियों का सफाया’ अभियान बताने के प्रतिवाद में शुरू किया है. तृणमूल नेताओं ने कहा कि मालदा, मुर्शिदाबाद में 3 और 4 दिसंबर को और कूचबिहार में 9 दिसंबर को रैलियां होंगी.

Mamata Banerjee Rally: राजनीतिक रूप से संवेदनशील सीमावर्ती जिलों में होगी रैलियां

राजनीतिक रूप से संवेदनशील इन 3 सीमावर्ती जिलों में अल्पसंख्यक, प्रवासी और विस्थापित आबादी बहुत ज्यादा है. एसआईआर से उनकी दिक्कतें बढ़ गयीं हैं. मालदा की रैली गजोले में और मुर्शिदाबाद की रैली बरहमपुर स्टेडियम में होगी.

बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

रास मेला मैदान में 9 दिसंबर को होगी ममता बनर्जी की रैली

कूचबिहार की रैली 9 दिसंबर को ऐतिहासिक रास मेला मैदान में होगी. इसे इस ठंड के मौसम में उत्तर भारत में ममता बनर्जी की सबसे बड़ी रैली के रूप में पेश किया जा रहा है. तृणमूल के जिलाध्यक्ष अभिजीत डे भौमिक ने कहा कि 1 दिसंबर को ब्लॉक अध्यक्षों के साथ एक बैठक होगी.

एसआईआर के जरिये अपना आधार मजबूत कर रहीं पार्टियां

उन्होंने बताया कि भाजपा ने तृणमूल पर अवैध प्रवासियों को बचाने और राजनीतिक लाभ के लिए मतदाता सूची के संशोधन (एसआईआर) का विरोध करने का आरोप लगाया है. वर्ष 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले दोनों पार्टियां एसआईआर के मुद्दे का लाभ उठाकर अपनी-अपनी विचारधारा को मजबूत करने की कोशिश कर रही हैं.

इसे भी पढ़ें

SIR Bengal 2026: पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले भाग रहे बांग्लादेशियों ने घुसपैठ के विमर्श को धार दी

एसआईआर में जान का जोखिम! सीईओ बंगाल के ऑफिस के बाहर किया प्रदर्शन, बीएलओ के लिए मुआवजे की मांग

SIR Form: अभी तक नहीं भरा फॉर्म तो घबराएं नहीं, ईसीआई ने 11 दिसंबर तक बढ़ा दी है एनुमरेशन फॉर्म भरने की तारीख

SIR का खौफ! बंगाल से भाग रहे बांग्लादेशी नागरिक, हर दिन 150-200 लोगों को वापस भेज रहा बीएसएफ

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है। उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवरेज करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है। मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >