ममता बनर्जी ने अब तक नहीं भरा एनुमरेशन फॉर्म, मुर्शिदाबाद में कह दी बड़ी बात

Mamata Banerjee on SIR: ममता बनर्जी ने अल्पसंख्यक मतदाताओं को वोट विभाजन के खतरे को लेकर आगाह किया. उन्होंने बिहार विधानसभा चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा- बिहार में, उन्होंने हर सीट पर चालाकी से 4 स्वतंत्र (निर्दलीय) उम्मीदवार खड़े किये. इसका फायदा भाजपा को हुआ. अगर निर्दलीय उम्मीदवार वोट काटते हैं, तो नुकसान आपका होता है और फायदा उनका.

Mamata Banerjee on SIR: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2026 से पहले एसआईआर की प्रक्रिया पूरी करने के लिए चुनाव आयोग युद्ध स्तर पर काम कर रहा है. बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) घर-घर जाकर मतदाता सूची का गहन पुनरीक्षण कर रहे हैं. लोगों को गणना फॉर्म (Enumeration Form) भरने के लिए प्रेरित कर रहे हैं. इस बीच ममता बनर्जी ने एक रैली में कहा कि अब तक उन्होंने अपना गणना फॉर्म नहीं भरा है. उन्होंने इसे लोगों के साथ एकजुटता का प्रतीक करार दिया.

ममता बनर्जी ने बूथ स्तर पर शिवर लगाने के दिये निर्देश

मुर्शिदाबाद जिले के बहरमपुर में बृहस्पतिवार को आयोजित रैली को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा- मैंने यह अभी तक यह (गणना फार्म भरना) नहीं किया है. मैं यह तभी करूंगी, जब आप सभी के नाम शामिल हो जायें. मैंने हर बूथ पर ‘क्या मैं आपकी मदद कर सकता हूं’ शिविर लगाने के निर्देश दिये हैं, ताकि लोगों की मदद की जा सके.

अल्पसंख्यक वोट विभाजन के खतरे को लेकर किया आगाह

ममता बनर्जी ने अल्पसंख्यक मतदाताओं को वोट विभाजन के खतरे को लेकर आगाह किया. उन्होंने बिहार विधानसभा चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा- बिहार में, उन्होंने हर सीट पर चालाकी से 4 स्वतंत्र (निर्दलीय) उम्मीदवार खड़े किये. इसका फायदा भाजपा को हुआ. अगर निर्दलीय उम्मीदवार वोट काटते हैं, तो नुकसान आपका होता है और फायदा उनका.

भाजपा से पैसे लेकर भ्रामक सूचनाएं फैलायी जा रही – ममता बनर्जी

तृणमूल सुप्रीमो ने भ्रामक सूचनाओं के प्रसार की साजिश के भी आरोप लगाये. कहा कि कुछ ऐसे समूह हैं, जो भूमि अभिलेखों में धार्मिक संपत्तियों को मस्जिद या कब्रगाह के रूप में दर्ज करने का झूठ फैला रहे हैं. ममता ने कहा कि हर धर्म में कुछ गद्दार होते हैं, जो भाजपा से पैसे लेकर भ्रामक बातें फैलाते हैं.

बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

Mamata Banerjee on SIR: एआई का हो रहा है दुरुपयोग – ममता बनर्जी

ममता बनर्जी ने कहा कि याद रखिए, अब एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) का दुरुपयोग किया जा रहा है. मेरे चेहरे का इस्तेमाल उन बयानों के लिए किया जा रहा है, जो मैंने कभी दिये ही नहीं. नोटबंदी और भ्रष्टाचार से इन्होंने बहुत पैसा कमाया है. ये लूटते हैं और फिर ‘झूठ’ बोलते हैं.

अवैध घुसपैठ पर डर फैलाने की कोशिश – सीएम

बंगाल की मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा बंगाल में अवैध रूप से लोगों के घुसने को लेकर डर फैलाने की कोशिश कर रही है. वहीं, केंद्र सरकार इस बात को स्वीकार नहीं कर रही कि सीमा पर इसे रोकना उसकी जिम्मेदारी है.

इसे भी पढ़ें

चाहे वे मेरा गला काट दें…, मुर्शिदाबाद में एनआरसी और डिटेंशन सेंटर पर ममता बनर्जी का बड़ा बयान

तृणमूल से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर बोले- ममता बनर्जी और टीएमसी को करेंगे एक्सपोज, नयी पार्टी बनायेंगे

SIR 2025-26: बीएलओ पर काम के दबाव मामले में सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों-केंद्रशासित प्रदेशों को दिये निर्देश

SIR Bengal 2026: पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले भाग रहे बांग्लादेशियों ने घुसपैठ के विमर्श को धार दी

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है। उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवरेज करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है। मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >