Kanpur to Kolkata Waterways: केंद्र सरकार ने कोलकाता से वाराणसी तक जलमार्ग का विकास किया था. इसके बाद इस जलमार्ग का विस्तार प्रयागराज तक किया गया. अब गंगा नदी के इस जलमार्ग का विस्तार कानपुर तक करने की योजना बनायी गयी है, जिसके तहत पवित्र नदी गंगा अब देश के विकास की नयी धारा बनने जा रही है.
डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया शुरू
जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री कार्यालय से इस महत्वाकांक्षी योजना को आगे बढ़ाने के लिए हरी झंडी मिल गयी है और अब इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की जायेगी. जलमार्ग शुरू होने के बाद माल ढुलाई की लागत में काफी कमी आने की उम्मीद है.
सड़क और रेल मार्ग की तुलना में 50% सस्ता होगा जलमार्ग
विशेषज्ञों के अनुसार, जलमार्ग से कार्गो परिवहन सड़क और रेल मार्ग की तुलना में लगभग 50 प्रतिशत तक सस्ता होगा. इससे वस्तुओं की कीमतों में कमी आयेगी और आम लोगों को महंगाई से राहत मिलने की संभावना है. इससे समय और लागत, दोनों की बचत होगी. जलमार्ग के जरिये माल की तेज और किफायती आवाजाही संभव होगी, जिससे व्यापार को भी काफी लाभ मिलेगा.
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Kanpur to Kolkata Waterways: इन्फ्रास्ट्रक्चर का विस्तृत अध्ययन करेंगे विशेषज्ञ
परियोजना को सफल बनाने के लिए सरकार तकनीकी अध्ययन पर भी विशेष ध्यान दे रही है. इसके लिए आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञों से सर्वे और अन्य तकनीकी प्रक्रियाओं पर विचार-विमर्श किया जायेगा. विशेषज्ञ गंगा नदी की गहराई, जलस्तर और यातायात के लिए जरूरी इन्फ्रास्ट्रक्चर का विस्तृत अध्ययन करेंगे.
स्थापित होगी राष्ट्रीय अंतरदेशीय नेविगेशन संस्थान
इस परियोजना के तहत राष्ट्रीय अंतरदेशीय नेविगेशन संस्थान की एक शाखा स्थापित करने की योजना है. यहां हर साल लगभग दो हजार युवाओं को प्रशिक्षण दिया जायेगा. इसमें इंजन ड्राइवर, जहाज निर्माण कारीगर और कार्गो हैंडलिंग विशेषज्ञ जैसे कौशल शामिल होंगे, जिससे युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे. केंद्र सरकार जलमार्ग परियोजना के साथ जल पर्यटन को भी बढ़ावा देने की तैयारी कर रही है.
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