Gangasagar Mela Fire: गंगासागर मेला क्षेत्र में लगी आग, शुभेंदु के सोशल मीडिया पोस्ट पर ट्रोल हुईं ममता बनर्जी

Gangasagar Mela Fire: गंगासागर मेला से पहले मेला क्षेत्र में भीषण आग लग गयी. पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट करके इसकी जानकारी दी. ‘एक्स’ पर शुभेंदु ने पोस्ट किया, तो लोगों ने अपने कमेंट में प्रदेश की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को ट्रोल करना शुरू कर दिया. सोशल मीडिया पर लोगों ने कैसे-कैसे कमेंट किये, यहां देखें.

Gangasagar Mela Fire: पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में मकर संक्रांति के दिन हर साल लगने वाले गंगासागर मेला शुरू होने से बड़ा हादसा हो गया. मेला क्षेत्र में भीषण आग लग गयी. इसमें पुलिस कंट्रोल रूम और कई अस्थायी छावनियां जलकर खाक हो गयीं. घटना आश्रम से सटे नंबर-2 स्नान घाट के पास हुई.

आग लगते ही गंगासागर तीर्थ क्षेत्र में मची अफरा-तफरी

आग लगते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गयी. तीर्थयात्री दहशत में आ गये. स्थानीय लोगों ने बताया कि सूखी होगला पत्तियों से बनी एक छावनी में सबसे पहले आग देखी गयी. तेज हवाओं के चलते देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया.

दमकल के 2 इंजनों ने आग पर पाया काबू

स्थानीय लोगों ने पहले बाल्टियों से पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की. इस बीच दमकल विभाग को भी सूचना दी. फायर ब्रिगेड के 2 इंजन मौके पर पहुंचे और आग पर काबू पाया. घटना में कोई हताहत नहीं हुआ.

Gangasagar Mela Fire: बीडीओ ने घटनास्थल का लिया जायजा

प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) केके राव समेत जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और स्थानीय विधायक बंकिम चंद्र हाजरा वहां पहुंचे. आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है. दमकल विभाग ने कहा कि संभवत: शॉर्ट सर्किट या खाना बनाने के चूल्हे की वजह से आग लगी होगी.

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शुभेंदु अधिकारी ने लिखा- लक्षण अच्छे नहीं लग रहे

भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर इस घटना की जानकारी तस्वीरों के साथ शेयर की. उनके पोस्ट पर बड़ी संख्या में लोगों ने कमेंट किये. शुभेंदु ने लिखा- गंगासागर में पुलिस कंट्रोल रूम जलकरक खाक हो गया. लक्षण अच्छे नहीं लग रहे.

शुभेंदु के पोस्ट पर साढ़े तीन सौ कमेंट

उनके इस पोस्ट पर करीब साढ़े तीन सौ लोगों ने कमेंट किये हैं. यूजर्स ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को निशाने पर लिया है. देवांशु बनर्जी लिखते हैं- और ये महाकुंभ के विषय में उत्तर प्रदेश को ज्ञान दे रहीं थीं. देवांशी आगे लिखते हैं- जितनी समस्या है, सब हिंदुओं के कार्यक्रमों में ही होते हैं. ये लोग नहीं चाहते कि हिंदुओं के उत्सव ठीक से मनाये जायें.

अग्निकन्या को सीएम बनाया है, आग तो लगेगी – जातीयतावादी बंगाली

जातीयतावादी बंगाली नामक यूजर ने लिखा- अग्निकन्या को मुख्यमंत्री बनाया है, आग तो लगेगी ही. सुभाशीष दास लिखते हैं- ममता के पापों का फल है. मृगांग मुखर्जी ने ईडी की छापेमारी के दौरान ममता बनर्जी के हस्तक्षेप से जुड़ा कमेंट किया. लिखा- फाइल चोरी मामले में उन पर कार्रवाी होगी या सेटिंग हो जायेगी?

कुंभ को मृत्यु कुंभ कहने वाली क्या इसे मृत्यु सागर कहेंगीं – आरडी

आरडी के नाम से अकाउंट हैंडल करने वाले ने ममता बनर्जी को संबोधित करते हुए लिखा है- उन्होंने कुंभ मेला को मृत्यु कुंभ करार दिया था. अब क्या वह मृत्यु सागर बोलेंगीं? देव जयहिंद ने लिखा- एक छोटा सागर मेला जो लोग नहीं संभाल पा रहे, वे महाकुंभ मेला पर ज्ञान दे रहे थे.

यह काम बीजेपी का है – नफीज

ऐसा नहीं है कि सभी लोग सिर्फ ममता बनर्जी की ही आलोचना कर रहे हैं. ऐसे भी लोग हैं, जो भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को निशाने पर ले रहे हैं. ऐसे ही एक यूजर हैं नफीज. उन्होंने लिखा है- यह बीजेपी का काम है.

अभी और जलेगा बंगाल – इंडिया अनबाउंड

एक्स हैंडलर इंडिया अनबाउंड लिखता है- अभी और जलेगा बंगाल. वोट आ रहा है. दुखद, लेकिन यही तो दस्तूर है. पूर्ण चंद्र अधिकारी ने लिखा- पश्चिम बंगाल को ही तो जला दिया. डॉ प्रशांत दास का कमेंट है- इसके लिए तो टीएमसी ही जिम्मेदार है. गंगासागर, पौष मेला को दीदी नुकसान पहुंचा रहीं हैं.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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