खास बातें
FIR Against Mamata Banerjee: पश्चिम बंगाल की राजनीति में तल्खी कम होने का नाम नहीं ले रही. पूर्व मुख्यमंत्री और टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी के खिलाफ सिलीगुड़ी में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गयी है, तो पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी पर भवानीपुर थाने में लिखित शिकायत दर्ज करायी गयी है. दोनों पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने और भड़काऊ टिप्पणी करने के गंभीर आरोप लगे हैं.
ममता बनर्जी पर सनातन धर्म के अपमान का आरोप
सिलीगुड़ी के साइबर क्राइम थाने में ममता बनर्जी के खिलाफ अधिवक्ता रिंकी चटर्जी सिंह ने प्राथमिकी (FIR) दर्ज करायी है. शिकायत के मुताबिक, ममता बनर्जी ने 2025 की ईद और 2026 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले विरोध प्रदर्शन के दौरान ऐसी टिप्पणियां की थीं, जिनसे करोड़ों हिंदुओं और सनातन प्रेमियों की भावनाएं आहत हुई हैं.
पुसिस ने लगायी गंभीर धाराएं
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है. इसमें धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना और शांति भंग करने की कोशिश जैसे आरोप शामिल हैं. अधिवक्ता का कहना है कि एक संवैधानिक पद पर रहते हुए ऐसे बयान देना अनुचित है, जो एक विशेष समुदाय को निशाना बनाते हों.
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अभिषेक बनर्जी के X पोस्ट पर मचा बवाल
ममता बनर्जी के साथ-साथ उनके भतीजे और डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी भी घेरे में हैं. भवानीपुर निवासी अर्नबकांति दास ने अभिषेक के खिलाफ शिकायत दर्ज करायी है. यह विवाद उनके एक सोशल मीडिया पोस्ट (X) से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने ‘एंटी-बंगाल गुजराती गैंग’ शब्द का इस्तेमाल किया था.
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सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाला पोस्ट का आरोप
शिकायतकर्ता का आरोप है कि इस तरह के बयानों से समुदायों के बीच नफरत फैल सकती है और यह राजनीतिक शक्ति का दुरुपयोग है. कोलकाता पुलिस के मुख्यालय लाल बाजार ने अभी तक FIR दर्ज होने की पुष्टि नहीं की है, लेकिन मामले में प्राथमिक जांच शुरू कर दी गयी है.
सियासी गलियारों में हड़कंप
यह कानूनी कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब बंगाल में विपक्षी दल बीजेपी लगातार ममता सरकार के पुराने फैसलों और बयानों को लेकर हमलावर है. बीजेपी नेताओं का कहना है कि कानून अपना काम कर रहा है और किसी को भी धर्म या समुदाय विशेष के खिलाफ जहर उगलने की आजादी नहीं दी जा सकती.
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टीएमसी ने भाजपा पर किया पलटवार
तृणमूल कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ करार दिया है. पार्टी नेताओं का कहना है कि चुनाव हारने के बाद बीजेपी अब पुलिस और अदालतों के जरिये ममता बनर्जी की आवाज को दबाना चाहती है.
FIR Against Mamata Banerjee: कानूनी पचड़े में उलझी टीएमसी की लीडरशिप
अभिषेक बनर्जी पहले से ही साइबर क्राइम के अन्य मामलों और नगर निगम के नोटिसों का सामना कर रहे हैं. अब ममता बनर्जी के खिलाफ FIR दर्ज होने से पार्टी की शीर्ष लीडरशिप की मुश्किलें और बढ़ गयी हैं. जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में सिलीगुड़ी पुलिस ममता बनर्जी को पूछताछ के लिए नोटिस भेज सकती है.
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