Election Commission Action Bengal: बंगाल चुनाव 2026 में निर्वाचन आयोग (ECI) जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहा है. बुधवार को आयोग ने एक अभूतपूर्व फैसला लेते हुए कूचबिहार दक्षिण सीट के सामान्य पर्यवेक्षक (General Observer) अनुराग यादव को तुरंत प्रभाव से वापस बुला लिया. वजह जानकर आप भी हैरान रह जायेंगे. ऑब्जर्वर साहब को उस विधानसभा क्षेत्र की बुनियादी जानकारी नहीं थी, जिसकी जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गयी थी.
CEC के एक सवाल पर घबरा गये अफसर
मामला पर्यवेक्षकों की एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक का है. बैठक के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने जब अनुराग यादव से उनके निर्वाचन क्षेत्र ‘कूचबिहार दक्षिण’ में कुल मतदान केंद्रों (Polling Stations) की संख्या पूछी, तो वे बगलें झांकने लगे. अधिकारियों के मुताबिक, सवाल सुनते ही यादव घबरा गये और जवाब देने में कई मिनट लगा दिये. काफी देर बाद उन्होंने बताया कि उनके क्षेत्र में 125 मतदान केंद्र हैं. बुनियादी आंकड़ों में इतनी बड़ी लापरवाही और अज्ञानता देख आयोग ने उन्हें तुरंत हटाने का फरमान जारी कर दिया.
आयोग की आंख और कान होते हैं पर्यवेक्षक
निर्वाचन आयोग चुनाव वाले राज्यों में सामान्य, व्यय और पुलिस पर्यवेक्षकों की तैनाती करता है. ये अधिकारी आयोग की ‘आंख और कान’ बनकर काम करते हैं. इनका मुख्य काम जमीनी स्तर की हर छोटी-बड़ी जानकारी सीधे चुनाव प्राधिकरण तक पहुंचाना होता है, ताकि निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित किये जा सकें. जब पर्यवेक्षक को ही बूथों की संख्या पता न हो, तो वह रिपोर्ट क्या देगा, इसी तर्क के साथ आयोग ने यह कड़ा रुख अपनाया है.
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बंगाल चुनाव पर इलेक्शन कमीशन की पैनी नजर
पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में मतदान होना है. आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि चुनाव ड्यूटी में किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी. कूचबिहार जैसे संवेदनशील जिले में इस तरह की चूक को आयोग ने बेहद गंभीरता से लिया है. पर्यवेक्षक को वापस बुलाये जाने के बाद अब वहां नये अधिकारी की तैनाती की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है.
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