निर्वाचन आयोग ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर

चुनाव आयोग ने एसआइआर प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने और इससे संबंधित लोगों की शंकाओं को दूर करने के लिए एक हेल्पलाइन नंबर 1950 लॉन्च किया है.

कोलकाता. चुनाव आयोग ने एसआइआर प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने और इससे संबंधित लोगों की शंकाओं को दूर करने के लिए एक हेल्पलाइन नंबर 1950 लॉन्च किया है. अधिकारी ने बताया कि इस हेल्पलाइन नंबर की मदद से एसआइआर से संबंधित कोई भी जानकारी घर बैठे प्राप्त कर सकते हैं. अधिकारी ने अपने बयान में कहा कि एसआइआर चुनाव आयोग की देखरेख में एक रूटीन योजना है. उन्होंने कहा कि किसी भी वैध वोटर का नाम लिस्ट से नहीं हटाया जायेगा. उन्होंने कहा कि नेशनल कॉन्टैक्ट सेंटर अब सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए एक सेंट्रल हेल्पलाइन के तौर पर काम करता है, जो रोज सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक टोल-फ्री नंबर 1800-11-1950 पर चालू रहता है. उन्होंने आगे कहा कि चुनाव से जुड़े मामलों में नागरिकों की मदद के लिए कई प्रशिक्षित कर्मचारी मौजूद हैं. इसके अलावा आयोग ने लोगों से अपील की कि वे एसआइआर के मामले में जानकारी लेने, फीडबैक देने या कोई शिकायत दर्ज कराने के लिए 1950 हेल्पलाइन और दूसरी सेवाओं का इस्तेमाल करें. आयोग ने हर राज्य और हर जिले को अपने-अपने कॉन्टैक्ट सेंटर बनाने के निर्देश दिये हैं. अधिकारी ने कहा कि नागरिक अपने बूथ लेवल अधिकारी से सीधे संपर्क करने के लिए ECINET प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करें.

इस प्लेटफॉर्म के जरिये कोई भी व्यक्ति चुनाव अधिकारियों को अपनी समस्या बता सकता है. यह प्लेटफॉर्म यह सुनिश्चित करता है कि नागरिकों द्वारा दी गयी शिकायत को 48 घंटे के अंदर सुना जाये और उसका समाधान किया जाये.

2002 की मतदाता सूची में नाम खोजने उमड़ पड़े लोग, चुनाव आयोग की वेबसाइट हुई क्रैश

कोलकाता. विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) की घोषणा के बाद एक करोड़ से ज्यादा लोग वेबसाइट पर उमड़ पड़े. इससे राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की वेबसाइट अचानक क्रैश हो गयी. एसआइआर की घोषणा के बाद लोगों में जैसे हड़कंप मच गया. इससे परेशान एक करोड़ से ज्यादा लोग एक ही समय में वेबसाइट को खोलने की कोशिश करने लगे. हर कोई 2002 की मतदाता सूची में अपना नाम खोजने में लग गया. जिसे सर्वर सह नहीं पाया और क्रैश कर गया. इस वजह से जिला प्रशासन को मतदाता सूची का पीडीएफ फाइल भेजने में मुश्किल हो गयी. इससे लोगों की परेशानी बढ़ गयी है.

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Published by: Akhilesh kumar singh

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