दलाल चक्र पर निगम की पैनी नजर, पुराने कागजात की स्कैनिंग का निर्देश

राज्य में चुनाव आयोग द्वारा स्पेशल इन्टेंसिव रिवीजन लागू कर दिया गया है.

वर्षों पुराने जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने से पहले अधिकारियों को सावधानी बरतने का निर्देश

संवाददाता, कोलकाता

राज्य में चुनाव आयोग द्वारा स्पेशल इन्टेंसिव रिवीजन (एसआइआर) लागू कर दिया गया है. अगले साल होनेवाले विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए एसआइआर को लागू किये जाने से लोगों में हड़कंप मचा हुआ है. ऐसे में लोग पुराने जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र को प्राप्त करने की कोशिश कर रहे हैं. महानगर में कोलकाता नगर निगम द्वारा इन दोनों ही प्रमाण पत्रों को जारी किया जाता है. ऐसे में जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र को प्राप्त करने के लिए इन दिनों निगम में भारी भीड़ उमड़ रही है. कोलकाता में जन्मे या मरने वाले लोगों के प्रमाण पत्र निगम के रिकॉर्ड सेक्शन में उपलब्ध है. निगम से इन प्रमाण पत्रों को प्राप्त करने के लिए ऑनलाइन आवेदन करना पड़ता है.

ऑनलाइन आवेदन कर इन प्रमाण पत्रों को प्राप्त करने में लगभग एक महीने लग सकते हैं, लेकिन लोग तुरंत चाह रहे हैं. इसी का फायदा उठा कर निगम में दलाल इन दिनों सक्रिय हैं. निगम सूत्रों के अनुसार, दलाल कुछ घूसखोर अधिकारी व कर्मचारियों की मदद से आसानी से अपना काम कर रहे हैं.

दलाल, निगम कर्मचारियों की मदद से एक सप्ताह के भीतर ही प्रमाण पत्र उपलब्ध करा दे रहे हैं. वहीं कुछ लोग कम समय में जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र को प्राप्त करने के लिए 10 से 15 हजार रुपये खर्च करने को भी तैयार हैं. ऐसे लोग ही इन दलालों के चंगुल में फंस रहे हैं.

सूत्रों के अनुसार, दलालों पर नकेल कसने के लिए शुक्रवार को दोपहर में मेयर फिरहाद हकीम और उप मेयर अतिन घोष ने निगम के आइटी विभाग को इस मामले से सख्ती से निपटने के निर्देश दिये हैं. हालांकि इस समय निगम के लिए सबसे बड़ी चुनौती नागरिकों को दलालों से लोगों को बचाना है.

दलालों व फर्जीवाड़ा पर अंकुश लगाने में जुटा निगम

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निगम के एक अधिकारी ने बताया कोलकाता में वर्षों पहले जन्मे या मरने वाले लोगों की जानकारी निगम के रिकॉर्ड में दर्ज हैं, जिन्हें आज भी प्राप्त किया जा सकता है. एसआइआर के इस माहौल में लोग ऐसे ही वर्षों पुराने जन्म या मृत्यु प्रमाण पत्र की तलाश में निगम पहुंच रहे हैं. एक साथ हजारों लोग ऑनलाइन तरीके से आवेदन करने की कोशिश कर रहे है. जिसके कारण सॉफ्टवेयर कई ठप हो जा रही है, जिसके कारण लोग स्लॉट बुक नहीं करा पा रहे हैं. स्लॉट बुकिंग किये जाने के बाद ही लोगों को निगम बुलाया जाता है. इसके बाद समस्त कागजात की जांच के बाद प्रमाण पत्र को जारी किया जाता है. ऐसे में वर्षों पुराने जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र को जारी किये जाने के दौरान निगम के अधिकारियों को सावधानी बरते का निर्देश दिया गया है. दस्तावेजों की अच्छे से स्कैनिंग किये जाने का निर्देश दिया गया है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कागजात असली है या नकली. हर प्रमाण पत्र पर निगम का एक विशेष वॉटरमार्क लगा होता है, जिसकी जालसाजी करना लगभग असंभव है. इस वजह से जो लोग पुराने जन्म या मृत्यु प्रमाण पत्र ला रहे हैं, उनके विभिन्न कागजात की जांच की जा रही है. वहीं दलालों पर लगाम लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के शीर्ष अधिकारी चरणबद्ध तरीके से हर सुबह लाइन का निरीक्षण कर रहे हैं.

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Published by: Akhilesh kumar singh

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